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Sonipat News: महिला कवयित्रियों ने रचनाओं की सुरभि बिखेरी

Fri, 21 Nov 2025 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :30 : सोनीपत के मुरथल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच हरियाणा के वार्षिकोत्सव में
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सोनीपत। अंतरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच हरियाणा इकाई का वार्षिकोत्सव मुरथल मशरूम केंद्र में मनाया गया। इस दौरान शब्दों के महक व संवेदनापूर्ण विचारों से पूरा सभागार तालियों से गूंजता रहा। हरियाणा के 10 जिलों से पहुंचीं 40 से अधिक कवयित्रियों ने काव्य रचनाओं को प्रस्तुत किया।
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इस दौरान महेंद्रगढ़ जिला इकाई को सर्वश्रेष्ठ इकाई घोषित कर सम्मानित किया गया। इकाई को यह सम्मान उत्कृष्ट समन्वय, रचनात्मक गतिविधियों और महिला साहित्यिक सृजन को नई दिशा देने के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय महासचिव डॉ. ज्योति राज ने की। मुख्य अतिथि मंच की वैश्विक उपाध्यक्ष शालू गुप्ता व विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय महासचिव सीमा शर्मा रहीं। इसके साथ ही संस्थापक डॉ. नरेश नाज, नियति गुप्ता और अन्य वरिष्ठ साहित्यकार मौजूद रहे। साथ ही हरियाणा ईकाई-1 की टीम संरक्षक कमला राठी, अध्यक्ष इंदु राज निगम, उपाध्यक्ष वंदना हीना मलिक, संचिता, डॉ. उमा गर्ग, रेखा, ज्योति दहिया मौजूद रही।
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कविताओं से महका वातावरण

कवयित्री डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ ने राज दिल में छिपा लो तो आंखें खोल देती हैं, होंठों से न निकले जो आंखों से बात होती हैं सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूनम मनचंदा ने सुनाया कि मिली इश्क में जो रवानी कहां है, वो भूली वो बिसरी कहानी कहां है। 88 वर्षीय कमला राठी ने अपनी कविता मेरे मन तू उदास न हो, तू पतझड़ के झरने पीले पात को न देख, उन नन्ही कोमल कोपलों को देख जिन्होंने अभी प्रकृति की गोद में आंखें खोली हैं। सुमन सांगवान कुरुक्षेत्र ने अपनी पारंपरिक हरियाणवी शैली में आजा ए आजा बेबे तने बुलावे तेरा बीर ए की लोक धुनों से सभागार में सांस्कृतिक मिठास घोल दी।

सीमा शर्मा विजय ने महक मिलती कहां अब इश्क की सूखे गुलाबों में की रचना से प्रेम, समय और मानवीय रिश्तों के बदलाव पर गहरा प्रभाव छोड़ा। तू है पोती मेरी, मैं हूं दादी तेरी से कवयित्री राज पंवार ने दादी-पोती के प्रेम को मासूमियत से व्यक्त किया।
डॉ. ज्ञानी देवी ने सामाजिक कटाक्ष से सनी पंक्तियों रूप रोवता किस्मत हंसती के माध्यम से महिलाओं के संघर्ष को बेबाकी से सामने रखा। बेटियां होती बड़ी प्यारी से कवयित्री नाज ने बेटियों की महत्ता पर संवेदनशील और हृदयस्पर्शी प्रस्तुति दी।
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