सोनीपत। बाल संरक्षण कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर पर सुबह तीन बच्चों के लावारिस हालत में मिलने की सूचना पर टीम दिन भर सूचना देने वाली महिला के साथ बच्चों के परिवार को ढूंढती रही। बाल संरक्षण कार्यालय के अधिकारी तब हैरान रह गए जब आठ घंटे बाद पता चला कि जिस महिला ने बच्चों के लावारिस हालत में होने की सूचना दी है वही बच्चों की मां है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बाल संरक्षण कार्यालय के हेल्प लाइन नंबर पर मंगलवार सुबह सूचना मिली थी शहर के बंदेपुर क्षेत्र में चार बच्चे गली में लावारिस हालत में है। टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद महिला ने खुद को बच्चों की पड़ोसी के रूप में परिचित कराया। महिला ने पुलिस को बताया कि उनका बाप शराबी है। जिसके चलते वह इन्हें यहां छोड़ कर चला गया। बाद में वह टीम के साथ बच्चों के पिता व अन्य परिजनों को ढूंढने लगी। कई घंटे तक घुमाने के बाद महिला ने बच्चों के पिता से फोन पर बात कराने की बात कही। जब उसने फोन मिलाया तो दूसरी तरफ से बोल रहे शख्स ने टीम को बताया कि यही बच्चों की मां है और अपने प्रेमी के साथ अलग रहती है। जिसके चलते वह अब बच्चों को छोडने के लिए ड्रामा रच रही है। जब टीम ने पूछताछ की तो महिला ने सब सच बता दिया। बाद में टीम महिला व उसके प्रेमी को थाने लेकर पहुंची जहां महिला ने बताया कि वह रोहतक के गांव की रहने वाली है, वह पति से अलग रहती है। जिसके चलते अब खाने तक के लाले पड़ चुके है। अब इसी के चलते वह बच्चों के सुरक्षित स्थान पर छोड़ना चाहती थी। इसी के चलते उसने यह सब किया। फिलहाल सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अभी जांच की जा रही है
महिला ने बाल संरक्षण कार्यालय के हेल्प लाइन नंबर पर बच्चों के लावारिस हालत में मिलने की सूचना दी गई थी। विभाग की टीम के साथ बच्चों को ढूंढ़ती रही। बाद में पता चला कि वही बच्चों की मां है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
रमेशचंद्र, थाना प्रभारी, सदर सोनीपत।