खरखौदा। खरखौदा-बहादुरगढ़ मार्ग के एक हिस्से का निर्माण धीमी गति से किए जाने के कारण धूल उड़ रही है जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। शिकायत के बाद भी समाधान नहीं करने से नाराज महिलाओं ने शुक्रवार को गांव बरोणा की महिलाओं ने निर्माणाधीन मार्ग पर जाम लगा दिया।
रोड जाम की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं। महिलाओं ने धूल के साथ ही गांव में बिजली न आने और पानी की किल्लत होने की भी बात कही। नायब तहसीलदार ने समस्याओं का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं ने एक घंटे के बाद जाम खत्म कर दिया। खरखौदा-बहादुरगढ़ मार्ग पर बरोणा गांव में टूटे हुए हिस्से का निर्माण लोक निर्माण विभाग की तरफ से किया जा रहा है। यह सड़क दोबारा बनाई जा रही है। सड़क के दोनों तरफ इंटरलाॅकिंग टाइल लगाई जाएगी। निर्माण की गति धीमी होने के विरोध में शुक्रवार शाम गांव की महिलाओं ने एकत्रित होकर मुख्य मार्ग पर अवरोधक डाल कर जाम लगा दिया। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी हुई। महिलाओं ने कहा कि निर्माणाधीन सड़क पर रोजाना धूल उड़ रही है जिससे सड़क किनारे बसे लोगों को परेशानी हो रही है, ग्रामीणों को भी सड़क पर आवाजाही करने के दौरान धूल का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा कि सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही उनके घरों तक में धूल की परत जम गई है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
महिलाओं के रोड जाम करने की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मुकुल कुमार, कनिष्ठ अभियंता बलजीत व पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं से जाम खोलने को कहा, लेकिन महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं। इस पर नायब तहसीलदार ने ग्रामीण महिलाओं को जल्द सड़क निर्माण करवाने और लगातार पानी छिड़काव करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ही महिलाएं शांत हुई और जाम खोला।
महिलाओं ने कहा कि एक तो बिजली निगम की ओर से मीटर घरों से बाहर किए जा रहे हैं, ऊपर से गर्मी में बिजली अघोषित कट लगाए जा रहे हैं जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। अगर जल्द ही इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो वह अपने प्रदर्शन को और उग्र कर देंगी। महिलाओं ने कहा कि उन्हें समय पर पानी तक नहीं दिया जा रहा है। जिससे महिलाओं को खेतों से पीने का पानी लेकर आना पड़ता है।
वर्जन
सड़क निर्माण का काम जारी है, सड़क किनारे जो इंटरलाॅकिंग टाइल लगनी है, वह बन चुकी हैं। टाइलें बनने के बाद 28 दिन का समय पूरा नहीं हुआ। अगर उन्हें अभी लगाया जाता है तो वह टूट सकती हैं। ग्रामीणों को टाइलें लगने तक रोजाना पानी का छिड़काव करने का आश्वासन दिया गया है।-अनिल चहल, उपमंडल अभियंता, लोक निर्माण विभाग, खरखौदा।