स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रसव पीड़ा के चलते सफीदों की 21 वर्षीय महिला को सफीदों के सरकारी अस्पताल में भेजा गया, जहां से उसे जींद भेज दिया गया।
जींद से खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन महिला ने खानपुर पहुंचने से पहले एंबुलेंस में ही बच्ची को जन्म दे दिया। बच्ची व महिला को अब गोहाना के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
सफीदों ने जींद व जींद से कर दिया खानुपर रेफर
सफीदों निवासी महिला शिमला ने बताया कि उसके घर में किराए पर रहने वाली चांदनी (21) को रविवार सुबह दस बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। चांदनी को सफीदों के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि यह उसका पहला बच्चा है, इसलिए यहां डिलीवरी नहीं हो सकती।
डॉक्टरों ने गर्भवती को जींद के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया। जब वे जींद के सामान्य अस्पताल पहुंचे तो वहां भी डॉक्टरों ने खून की कमी व ब्लड प्रेशर अधिक होने के कारण उसकी गंभीर हालत बताई। यहां तक कि महिला का ऑपरेशन होने की बात भी कही।
अस्पताल में पर्याप्त सुविधा न होने की बात कहते हुए महिला को खानपुर कलां के महिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जब वे महिला को एंबुलेंस में खानपुर मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे तो गोहाना में प्रसव पीड़ा बढ़ गई और महिला ने बरोदा रोड स्थित रेलवे फाटक के पास एंबुलेंस में बच्ची को जन्म दे दिया।
पहले भी आ चुकी हैं डॉक्टरों की ऐसी लापरवाही
बता दें कि दो महीने पहले भी गोहाना में इस तरह का मामला सामने आया था। जहां जींद में डॉक्टरों ने एक महिला को खानपुर रेफर कर दिया था और उस महिला ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया था।
क्या कहते हैं एसएमओ
गोहाना सरकारी अस्पताल के एसएमओ डॉ. कर्मबीर ने बताया कि सफीदों की रहने वाली एक महिला उनके पास आई है, जिसने एंबुलेंस में ही बच्ची को जन्म दिया है। यहां दोनों की हालत ठीक है। महिला के परिजनों से पता लगा कि पहले उसे सफीदों के सरकारी अस्पताल ले गई थी, जहां उसे जींद रेफर कर दिया और जींद से खानपुर रेफर की गई थी। इस संबंध में तो जींद के चिकित्सा अधिकारी ही जवाब दे सकते हैं।
जींद सामान्य अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. कुसुम ने बताया कि रविवार को उनके पास उक्त नाम की कोई गर्भवती नहीं आई।