सोनीपत। मोहन नगर के रहने वाले कंपनी के प्रोडक्शन इंचार्ज को क्रेडिट कार्ड की प्रोसेसिंग फीस वापस दिलाने का झांसा देकर दो खातों से 1.33 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर व सदर थाना पुलिस को दी है। जिस पर सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित ने घर बनाने के लिए बैंक से लोन लिया था। जिसकी राशि को साइबर ठगों ने निकाल लिया।
मोहन नगर निवासी बैजनाथ ने सदर थाना पुलिस को बताया कि वह एक कंपनी में प्रोडक्शन इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने घर का निर्माण करने के लिए बैंक से करीब चार लाख रुपये का लोन लिया था। जिसकी कुछ राशि उनके बैंक खाते में थी। उन्होंने बताया कि 10 मार्च को उनके पास कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने कहा था कि वह भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) क्रेडिट कार्ड विभाग से बोल रहे हैं। उन्होंने कहा था कि आपने पिछले दिनों क्रेडिट कार्ड लिया था। उसकी प्रोसेसिंग फीस और सालाना चार्ज आपको वापस मिलने थे। उसने पूछा कि क्या वह उसे मिल गए हैं, जिस पर उन्होंने मना कर दिया था। बैजनाथ का आरोप है कि उसने इस पर उनके रुपये वापस करने के लिए लिंक भेजने की बात कही। जिस पर उनके नंबर पर लिंक भेजा गया। जब उन्होंने लिंक को खोलकर देखा तो उनके खाते से 23 हजार रुपये कट गए, जिस पर उन्होंने कॉल कर उस व्यक्ति को अवगत कराया। इस पर उसने कहा कि राशि वापस आ जाएगी, जिसके बाद वह उसके कहने के अनुसार करता रहा। इस पर फिर से दो बार बार में पांच-पांच हजार रुपये उनके खाते से निकल गए। इसके बाद उन्हें ठगी का संदेह हुआ। उन्होंने बैंक में इस बारे में अवगत कराया और क्रेडिट कार्ड बंद करा दिया। इसके एक दिन बाद उनके पीएनबी के खाते से दो बार में 50-50 हजार रुपये की राशि निकल गई। वह राशि उन्होंने लोन ली थी, जिस पर उन्होंने उस खाते को भी बंद कर दिया। उन्होंने जब व्यक्ति को कॉल की तो वह गालियां देने लगा। जिस पर उन्होंने मामले से साइबर टीम का अवगत कराया। पुलिस ने जांच के बाद धोखाधड़ी व चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने खाता फ्रिज करा 50 हजार बचाए
पीड़ित ने बताया कि उनके पीएनबी के खाते से एक लाख रुपये निकलने के साथ ही बाद में 200 और 50 हजार रुपये और ट्रांसफर किए गए थे, जिस पर साइबर पुलिस को सूचना देने के बाद 50 हजार रुपये की राशि को खाता फ्रिज कर बचा लिया। अब पुलिस उस राशि को वापस पीड़ित के खाते में डलवाने का प्रयास कर रही है।