सोनीपत। किसानों को बेहतर गुणवत्ता का खाद उपलब्ध हो सके, इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने खरीफ सीजन शुरू होने से पहले ही खाद की दुकानों पर छापा मार कार्रवाई शुरू की दी है। कृषि अधिकारियों ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी विभिन्न खाद की दुकानों पर छापा मार कार्रवाई करते हुए खाद के 9 नमूने लिए हैं। टीम दो दिन में खाद के 19 नमूने ले चुकी है, जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में अगर नमूने फेल पाए जाते हैं तो संबंधित दुकानदार व फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले में किसान रबी सीजन की फसलों की कटाई व कढ़ाई करवाने में जुटे हुए हैं। किसानों ने सरसों और गेहूं की कटाई के बाद खरीफ सीजन की फसल ज्वार, मूंग, जंतरा उगाने की भी तैयारी शुरू कर दी है। जिसके चलते अप्रैल माह के अंत व मई में खाद की मांग बढ़़ जाती है। ऐसे में अक्सर खाद विक्रेता मुनाफा कमाने के लिए किसानों को निम्न गुुणवत्ता का खाद उपलब्ध करवाते हैं। किसानों को बेहतर गुणवत्ता का खाद उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ही कृषि विभाग से विषय विशेषज्ञ (सूचना एवं प्रशिक्षण, सोनीपत) डॉ. देवेंद्र कुहाड़ व गुणवत्ता नियंत्रक डॉ. राकेश हुड्डा ने मंगलवार को दूसरी दिन भी खाद की विभिन्न दुकानों पर छापा मार कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
खंड स्तर पर किया टीमों का गठन
खरीफ सीजन में जिले के किसान मुख्यत: धान, ज्वार व बाजारा की फसलें उगाते हैं। इसमें धान का रकबा सबसे अधिक होता है जो 90 हजार हैक्टेयर तक पहुंच जाता है। खरीफ सीजन में किसान यूरिया खाद का इस्तेमाल अधिक करते हैं। जिले में खाद की डिमांड 15 हजार एमटी प्रति माह तक भी पहुंच जाती है। ऐसे में किसानों को बेहतर गुणवत्ता का खाद उपलब्ध करवाना कृषि विभाग की जिम्मेदारी है। इसके लिए खंड स्तर पर टीमों का गठन कर दिया गया है। टीमें खाद की दुकानों पर जाकर बेचे जा रहे खाद के नमूने लेकर जांच के लिए भेजेंगी।
मूंग उगाने के लिए किया जा रहा प्रेरित
डॉ. देंवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि कृषि विभाग खाद की बढ़ती डिमांड को कम करने के लिए किसानों को प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। यही नहीं खेत की मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाने के लिए विभाग की तरफ से किसानों को ढैंचे का बीज सब्सिडी पर दिया जा रहा है, साथ ही किसानों को मूंग उगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे जहां भूमि की सेहत सुधरेगी, वहीं खाद की डिमांड भी कम हो जाएगी।
खरीफ सीजन की शुरूआत से पहले ही किसानों को बेहतर गुणवत्ता का खाद, दवा व बीज उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से खाद की दुकानों पर छापा मार कार्रवाई की जा रही है। दो दिन में विभिन्न दुकानों से खाद के 19 नमूने लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है। नमूने फेल पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों से भी अपील है कि वह खाद की खरीदारी करते समय पक्का बिल ही बनवाएं।
डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उप निदेशक, सोनीपत