सोनीपत। बड़ौली गांव में आंबेडकर जयंती के प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम को लेकर सर्वखाप के प्रतिनिधि व किसान पूरी तरह से विरोध में खड़े हो गए है। कुंडली बॉर्डर पर सर्वखाप प्रतिनिधियों के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों व किसानों की पंचायत हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि बड़ौली में सीएम को नहीं आने दिया जाएगा और हैलीपेड को उखाड़ दिया जाएगा, जिससे उनका हैलीकॉप्टर ही नहीं उतर सके। इस तरह किसानों व पुलिस-प्रशासन के बीच टकराव के हालात बनते जा रहे है। वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के आंदोलन खत्म करने व बातचीत के बयान पर किसान नेताओं ने कहा कि वह इस तरह से शर्त रख रहे है, लेकिन उसके बाद भी किसान बातचीत के लिए तैयार है।
कुंडली बॉर्डर पर रविवार को सर्वजातीय सर्वखाप पंचायत हुई, जिसमें खापों के प्रतिनिधि हवासिंह आंतिल, राजेश दहिया समेत संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य राकेश टिकैत, दर्शनपाल, योगेंद्र यादव, जगजीत सिंह दल्लेवाल आदि पहुंचे। पंचायत में कहा कि सरकार हरियाणा में आंबेडकर जयंती के बहाने भाईचारा बिगाडने का प्रयास कर रही है और इसलिए ही कुंडली धरनास्थल से कुछ दूर ही भाजपा विधायक मोहनलाल के गांव बड़ौली में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम रखा गया है। जिसमें सीएम मनोहर लाल को मुख्य अतिथि बनाया गया है तो अन्य जगहों पर डिप्टी सीएम व मंत्रियों को मुख्य अतिथि बनाया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हर किसी को भाजपा और इसके सहयोगी दलों के नेताओं का बहिष्कार करना चाहिए। पंचायत में सर्वसम्मति से फैसला हुआ कि 14 अप्रैल को बडौली में सीएम को नहीं आने दिया जाएगा और उनका विरोध किया जाएगा। वहां कहा गया कि वह भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण का विरोध नहीं कर रहे है, बल्कि वह केवल सीएम का विरोध कर रहे है। सीएम को छोडक़र अन्य कोई भी इस प्रतिमा का अनावरण करे तो किसानों को कोई एतराज नहीं है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बड़ौली के सभी रास्तों पर किसान मौजूद रहेंगे तो हैलीकॉप्टर नहीं उतर सके, इसके लिए हैलीपेड को उखाड़ दिया जाएगा। हैलीपेड की ईंटों को कुंडली बॉर्डर पर लाकर निर्माण कार्य किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया कि 14 अप्रैल को हरियाणा में यह विरोध केवल सीएम मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के कार्यक्रमों तक सीमित रहेगा।
लक्खा सिधाना के भाई को पकडक़र उत्पीडन करने का पुलिस पर आरोप
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य दर्शनपाल ने कहा कि सरकार इस आंदोलन को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से मजबूत कर रहे आंदोलनकारियों को लगातार परेशान कर रही है। इसलिए ही पंजाब के लक्खा सिधाना के भाई गुरदीप सिंह को दिल्ली पुलिस ने उठाया और उसके उत्पीड़न का आरोप पुलिस पर लगाया गया है। किसान नेताओं ने कहा कि इस तरह से आंदोलन खत्म होने वाला नहीं है, बल्कि इससे आंदोलन मजबूत होगा।
केंद्रीय मंत्री के बयान को शर्त बताया, फिर भी किसान बातचीत को तैयार
किसान नेता दर्शनपाल ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए बातचीत करने का बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सयुंक्त किसान मोर्चा का लगता है कि यह बयान एक सलाह नहीं, बल्कि शर्त है। किसानों ने सरकार से बातचीत के लिए कभी मना नहीं किया है, सरकार बातचीत का प्रस्ताव भेजे तो किसान नेता बातचीत के लिए तैयार है।