जनवरी, 2014 में लांच हुई मुख्यमंत्री ग्रामीण दुधारू पशुधन सुरक्षा योजना का असर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर शनिवार को यहां उन 41 पश्ुापालकों को 18 लाख रुपए बांटेंगे, जिनके दुधारू पशुओं की विभिन्न कारणों से मौत हुई है।
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यह मुआवजा राशि पशुपालक को उस समय दी जाती है, जब दुधारु पशु की मौत हो जाती है। इससे पूर्व जब पशु दूध देता है तो पशुपालक द्वारा वेटेनरी सर्जन के पास जाकर 100 रुपये से पशु का बीमा कराया जाता है। यदि दुधारू पशु की बीमारी के चलते असमय मौत हो जाती है तो पशुपालक को इस योजना के तहत मुआवजा राशि दी जाती है। मुआवजा राशि पशुओं द्वारा दिए जाने वाले दूध की मात्रा के हिसाब से तय होती है। बकरी पशुपालक को 3000 रुपये, गाय पशुपालक को 20 हजार से 40 हजार रुपये और भैंस पशुपालक को 50 हजार से 60 हजार रुपये की मुआवजा राशि दी जाती है।
किन पशुपालक को कितने मिलेंगे रुपये
इस योजना के तहत शनिवार को जिले के 41 किसानों को करीब 17 लाख 99 हजार रुपये के चेक मुख्यमंत्री देंगे। सोनीपत सबडिवीजन के अंतर्गत 16 पशुपालकों को मुआवजा राशि मिलेगी, जिनमें से 11 पशुपालकों को 50-50 हजार, 3 पशुपालकों को 3 हजार रुपये और दो पशुपालकों को 40 हजार और 30 हजार के चेक बांटे जाएंगे। गोहाना सबडिवीजन के अंतर्गत 12 पशुपालकों को मुआवजा मिलेगा। जिनमें 11 पशुपालकों को 50 हजार और एक पशुपालक को 40 हजार रुपये का चेक दिया जाएगा। गन्नौर सब डिवीजन के अंतर्गत 13 पशुपालकों को मुआवजा मिलेगा। जिनमें 7 पशुपालकों को 50 हजार के चेक, 5 पशुपालकों को 40 हजार व 1 पशुपालक को 30 हजार रुपये का चेक दिया जाएगा।