सोनीपत। अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह ने गांव बारोटा में महिला की हत्या के मामले में पति को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर छह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला देवरिया के गांव खुरवसिया निवासी लेखराज ने 3 जनवरी, 2021 को बारोटा चौकी पुलिस को बताया था कि वह फिलहाल दिल्ली के अलीपुर में रहते हैं। उनकी बहन देविरया के गांव भरौली निवासी रज्जो ने बेटी रंजना की शादी छह साल पहले मूलरूप से गांव बैंयापुर निवासी सतीश के साथ की थी। उन्होंने बताया था कि वह छह माह से पत्नी रंजना (30) और चार साल के बेटे मयंक के साथ बारोटा में किराये पर रहने लगा था। उसकी पहली पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद उसने छह साल पहले रंजना से दूसरी शादी की थी। रंजना अपने मायके जाना चाहती थी। इस पर सतीश उसे पीटता था। उसने 3 जनवरी 2021 को रंजना की गला दबाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने लेखराज के बयान पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन बारोटा चौकी प्रभारी संदीप कुमार की टीम ने आरोपी सतीश को गिरफ्तार कर लिया है। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था। मामले की सुनवाई के बाद एएसजे डॉ. जसबीर सिंह ने सतीश को दोषी करार दिया है। उसे उम्रकैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
पत्नी के छोड़कर जाने के भय में की थी हत्या
गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस की शुरुआती पूछताछ में बताया था कि उसमें और पत्नी की उम्र में करीब 15 साल का अंतर था। पत्नी अक्सर मायके जाने की जिद करती थी। इसके चलते उसे डर था कि वह भी पहली पत्नी की तरह उसे छोड़कर चली जाएगी। ऐसे में वह रंजना को मायके जाने से रोकता था। इसी बात को लेकर हुई कहासुनी में उसने हत्या कर दी थी।