सोनीपत। गांव रहमाणा में दिवाली मनाकर परिवार संग वापस चंडीगढ़ लौटते समय कुरुक्षेत्र के पास हुए सड़क हादसे में दो बेटियों व प्रोफेसर पति के बाद अब पत्नी ने भी दम तोड़ दिया है। मृतका लक्ष्मी पेशे से अधिवक्ता हैं। अभी प्रोफेसर की मां का उपचार चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
लक्ष्मी परिवार के आठ सदस्य दिवाली पर पैतृक गांव रहमाणा में खुशियां मनाने आए थे। तीन दिन तक कुनबे के साथ पर्व मनाने के बाद 02 नवंबर की देर रात को वह अपनी कार से वापस लौट रहे थे। कुरुक्षेत्र के पास उनकी कार में अचानक आग लग गई। इसमें संदीप, बेटी खुशी व परी की मौत हो गई थी। जबकि पत्नी लक्ष्मी व मां सुदेश की हालत भी गंभीर बनी हुई थी। इनका चंडीगढ़ में उपचार चल रहा था। रविवार को अधिवक्ता लक्ष्मी ने भी दम तोड़ दिया।
तीन दशक पहले चंडीगढ़ में नियुक्त हुए थे संदीप
गांव रहमाणा निवासी सुरेंद्र को करीब साढ़े तीन दशक पहले चंडीगढ़ उपायुक्त कार्यालय में नियुक्ति मिली थी। इसके बाद परिवार गांव से जाकर चंडीगढ़ सेक्टर-7 में रहने लगा था। एक दशक पहले बड़े बेटे संदीप को चंडीगढ़ विवि में प्राध्यापक की नौकरी मिल गई थी। संदीप की शादी सोनीपत के गांव खांडा निवासी लक्ष्मी से हुई थी। लक्ष्मी ने खानपुर विवि से एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की थी। वह भी करीब एक दशक से ही चंडीगढ़ हाईकोर्ट में वकालत कर रही थी। संदीप व लक्ष्मी के पास दो बेटियां खुशी (6) व परी (4) थी। वहीं संदीप की मां सुदेश गृहिणी हैं। उनका भाई सुशील चंडीगढ़ में ही चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट यूनिट में चालक है और उनकी पत्नी आरती निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। उनके पास बेटा यश (10) है।