सोनीपत। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गए हैं। वीरवार को जिले का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। दिनभर छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली शीतलहरों के कारण सुबह 11 बजे धूप निकलने के बावजूद लोग ठिठुरते दिखाई दिए। हवा चलने से कोहरा छट गया और प्रदूषण के स्तर पर कमी आई है। रात भर हल्का कोहरा छाया रहने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बादलों का भी आवागमन लगा रहा।
शीतलहर के बावजूद न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो गई थी। न्यूनतम तापमान साढ़े सात से आठ डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा था। कोहरे का प्रकोप भी कम होता दिखाई दे रहा था। लेकिन बुधवार रात को फिर से कोहरा छा गया। जिससे वाहन चालक परेशान रहे। रात को दृश्यता 30 मीटर तक सिमट गई थी। हालांकि वीरवार को एक बार फिर से हवाओं की दिशा बदलने से वातावरण में नमी बढ़ गई। सुबह तेज हवा चली तो कोहरा छट गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक 164 दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 338 दर्ज किया था। अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 15.9 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सर्दी में विद्यार्थी ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं।
पश्चिमी विक्षोभ हुआ सक्रिय
वीरवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया। जिसके चलते मौसम का मिजाज बदलने लगा है। शाम को आसमान में बादल आने शुरू हो गए। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ अधिक मजबूत नहीं है। जिसके कारण इसका व्यापक असर दिखाई नहीं देगा, लेकिन आंशिक रूप से वातावरण में बादल छाए रहेंगे। ऐसे में न्यूनतम तापमान में तो हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन अधिकतम तापमान में कमी बनी रहेगी।
तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव से बढ़ रहे मरीज
मौसम में हुए बदलाव का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर हो रहा है। सुबह-शाम व दोपहर में भी ठंड का असर रहने, बादल छाए रहने के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। सर्दी का सीजन बच्चों और बुजुर्गों पर भारी पड़ रहा है। एक बार बीमार होने के बाद 10-15 ठीक होने में लग रहे हैं। बच्चों में निमोनिया और खांसी की शिकायत ज्यादा आ रही है। वहीं बुजुर्गों में खांसी और कफ की दिक्कत ज्यादा सामने आ रही है। जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी का असर ज्यादा हो रहा है। सर्दी से बचाव रखना चाहिए। बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
वर्जन
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिसके कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। 31 जनवरी तक लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद हालत में सुधार हो सकते हैं।
डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत