सोनीपत। गन्ने की पर्ची को लेकर रहने वाली टेंशन अब किसानों की दूर होने वाली है। द सोनीपत सहकारी चीनी मिल ने किसानों की सुविधा के लिए मेरी पर्ची-मेरी मर्जी सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसके तहत 1 फरवरी से किसान अपनी मर्जी के हिसाब से गन्ने डालने के लिए पर्ची खुद ऑनलाइन बुक कर पाएंगे। पेराई सत्र के दौरान अब तक 11 लाख 75 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है।
वर्तमान में किसानों को पर्ची चीनी मिल अपनी तरफ से जारी करता है। इसके बाद किसान को हर हाल में तय समय पर गन्ना मिल में पहुंचाना पड़ता है। इस दौरान अगर किसानों के पास कोई मजदूरों की समस्या है या फिर उसे अचानक से किसी अन्य काम से दूसरी जगह जाना पड़ता है तो किसान को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। पर्ची की डेट बढ़वाने के लिए मिल के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब इन समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। मेरी पर्ची-मेरी मर्जी सॉफ्टवेयर से किसान अपनी मर्जी के हिसाब से पर्ची को बुक कर पाएगा।
रोजाना पहले आओ-पहले पाओ सिस्टम से होगी ऑनलाइन बुकिंग
नए सिस्टम के तहत सोनीपत शूगर मिल प्रत्येक दिन गन्ने की पर्चियों का एक लोट ओपन करेगा। यह लोट प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक मोबाइल एप sugarmillsonipat पर उपलब्ध होगा। इस दौरान किसान अपने लिए गन्ने की पर्ची बुक कर पाएंगे। जो किसान पहले बुक करेगा उसकी पर्ची फाइनल हो जाएगी। केवल लोट के अंदर वैध पर्ची धारक किसानों के मोबाइल पर ही यह सुविधा उपलब्ध होगी। यही नहीं एक किसान एक दिन में कितनी गन्ने की पर्ची बुक कर सकता है, इसकी सीमा भी निर्धारित कर दी जाएगी, ताकि सभी किसानों को समान रूप से मौका मिल सके। इस सिस्टम से पर्ची बुक करने के लिए अपनी सुविधा के हिसाब से दिन का चयन कर सकता है।
वर्जन
मिल प्रबंधन ने अब मेरी पर्ची-मेरी मर्जी सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। यह सॉफ्टवेयर 1 फरवरी से काम करना शुरू कर देगा। जिसके बाद किसान अपनी मर्जी से अपनी पर्ची बुक कर पाएंगे। इस तरह का पर्ची वितरण सिस्टम अभी तक हरियाणा की किसी भी चीनी मिल में नहीं है। सहकारी चीनी मिल सोनीपत इस तरह का सिस्टम लागू करने वाला हरियाणा का पहला मिल बन जाएगा।
संजय कुमार, प्रबंध निदेशक, सहकारी चीनी मिल।