फोटो 26: सोनीपत में पत्रकारों से बातचीत करते ओलंपियन बजरंग पूनिया। संवाद
सोनीपत। मंडी लोकसभा सीट से चुनाव जीतने वाली नवनिर्वाचित भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को सीआईएसएफ जवान के थप्पड़ मारने के मामले में ओलंपियन बजरंग पूनिया भी कूद पड़े हैं। बजरंग ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा है कि जब महिला किसानों के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी की गई थी, तब नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले कहां थे? जब सरकारी जुल्म से किसान मारे गए तब हुकूमत को शांति का पाठ पढ़ाना चाहिए था।
बजरंग पूनिया ने सोनीपत में अपने आवास पर पत्रकारों से भी बात की। पत्रकार वार्ता में कहा कि वह हिंसा का समर्थन नहीं करते, लेकिन जब हमारी किसान माताएं-बहनें आंदोलन पर बैठीं थी तब उनके खिलाफ अपशब्द बोले गए। जब महिला खिलाड़ी आंदोलन कर रही थीं और उन्हें सड़क पर घसीटा गया, तब ज्ञानी लोग कहां थे। उन्होंने कहा, जब कंगना ने बोला था कि 100-100 रुपये लेकर धरने पर बैठे हैं तब किसी ने कोई नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले कहां थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कंगना किसान होती तो उसे पता होता कि किसान कितनी मेहनत करता है। वह अपनी फसल का दाम मांग रहे हैं। वह सरकार से फ्री में करोड़ों रुपये नहीं मांग रहे थे।
सभी को अपना हक पाने का अधिकार
बजरंग पूनिया ने कहा कि सबको अपना हक पाने का अधिकार है। ऐसे में कंगना को माताओं-बहनों को लेकर गलत नहीं बोलना चाहिए था। महिला पहलवानों के साथ जब गलत हुआ और आंदोलन में बैठी जिन माताओं-बहनों को गलत बोला गया वह भी देश की बेटियां हैं।