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Sonipat News: खाता वेरिफिकेशन की चूक से अटका 400 किसानों का गेहूं का भुगतान

Wed, 06 May 2026 02:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। रबी खरीद सीजन के दौरान गेहूं बेच चुके किसान अब भुगतान के इंतजार में भटक रहे हैं। वजह है बैंक खातों का वेरिफिकेशन न होना और तकनीकी खामियां। इसके चलते 400 से अधिक किसानों का भुगतान अटका हुआ है। किसानों को अब कृषि विभाग और बैंकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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जिले की विभिन्न मंडियों और खरीद केंद्रों पर 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है। अधिकांश किसानों ने 25 से 30 अप्रैल के बीच अपना गेहूं मंडियों में पहुंचा दिया था। खरीद एजेंसियों की तरफ से करीब 75 फीसदी गेहूं का उठान किया जा चुका है।
सामान्य प्रक्रिया के तहत उठान के बाद किसानों के खातों में सीधे भुगतान जारी कर दिया जाता है लेकिन बड़ी संख्या में किसानों का भुगतान अभी भी लंंबित है।
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पहली बार पंजीकरण करने वाले किसानों को ज्यादा परेशानी
सबसे अधिक समस्या उन किसानों के सामने आई है, जिन्होंने पहली बार मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करवाया है। पंजीकरण के साथ बैंक खाता वेरिफिकेशन अनिवार्य होता है, लेकिन कई किसानों के खाते इस प्रक्रिया से नहीं गुजर पाए। परिणामस्वरूप उनकी गेहूं की पेमेंट अटक गई।
हेल्प डेस्क पर समाधान की कोशिश

कृषि विभाग के अनुसार अब तक 400 से अधिक किसानों का भुगतान खाता संबंधित त्रुटियों के कारण रुकी हुई है। इन समस्याओं के समाधान के लिए सोनीपत कृषि विभाग कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। यहां प्रतिदिन 20 से 30 किसान पहुंचकर अपने खातों की त्रुटियां ठीक करवा रहे हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वह पोर्टल पर पंजीकरण के साथ-साथ बैंक खाता वेरिफिकेशन अवश्य करवाएं।
रिकॉर्ड स्तर पर खरीद, भुगतान में बाधा

जिले में इस बार 1.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती की गई थी। 21 मंडियों और खरीद केंद्रों के माध्यम से अब तक 4.64 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। गांव नैना ततारपुर के किसान सतपाल ने कहा कि पहली बार करीब 30 एकड़ गेहूं का पंजीकरण कराया था। फसल बेचे कई दिन हो गए, लेकिन अब पता चला कि खाता वेरिफाई न होने से भुगतान रुकी है।
किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। किसानों को लगातार मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण और खाता वेरिफिकेशन के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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पीके पूनिया, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
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