फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: सोसाइटी में फ्लैट लेकर चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर, पांच गिरफ्तार

Wed, 17 Apr 2024 10:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
राई। कुंडली स्थित सोसाइटी के फ्लैट पर छापा डालकर गन्नौर क्राइम यूनिट की टीम ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। टीम ने मौके से पांच आरोपियों को दबोचा है। उनका एक साथ भाग निकला। आरोपी कॉल सेंटर के माध्यम से विदेशी कस्टमर को सर्विस का झांसा देकर उनके साथ ठगी करते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आरोपी मुंबई और दिल्ली के रहने वाले हैं।
विज्ञापन


गन्नौर क्राइम यूनिट में नियुक्त एसआई मनीष ने कुंडली थाना पुलिस को बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि दिल्ली के रोहिणी का युवक अन्य साथियों संग मिलकर कुंडली की लेक ग्रुव सोसाइटी के फ्लैट में बिना अनुमति के कॉल सेंटर चला रहा है। वह अमेरिका में एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजॉन, पेपल आदि कंपनियों के कस्टमर को सर्विस व तकनीकी सहायता देने के नाम पर उनसे ठगी कर रहे हैं। जिस पर क्राइम यूनिट की टीम ने रात को एसीपी राजपाल के मार्गदर्शन में छापा डाला। पुलिस ने फ्लैट के अंदर से महाराष्ट्र के वेस्ट मुंबई स्थित अंबरनाथ के मोहन नैनो एस्टेट निवासी होजेफा मामाजीवाला व मुंबई के ठाणे वेस्ट स्थित अमरनाथ खुन लवली खास निवासी जुनैद खान को काबू किया। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल व लैपटॉप मिले। उन्होंने बताया कि उनके साथी रोहिणी दिल्ली निवासी नीरज राणा, पश्चिमी विहार निवासी गुनीत सिंह, इंडियाबुल्स दौलताबाद गांव सैन्ट्रम पार्क गुरुग्राम निवासी मधुर मेहता व सेक्टर-11 रोहिणी निवासी साहिल सोसाइटी के नीचे कार में बैठे हुए हैं। पुलिस ने नीचे से साहिल, गुनीत सिंह, मधुर मेहता को भी काबू कर लिया। एक आरोपी पुलिस टीम को देखकर भाग गया। उसकी पहचान नीरज राणा के रूप में हुई है। एसआई मनीष के बयान पर सभी छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।



ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

गिरफ्तार आरोपी किराए के फ्लैट में रह रहे थे। वह विदेशी लोगों को अनाधिकृत चार्ज के रिफंड देने के लिए ईमेल के माध्यम से टोल फ्री नंबर भेजते थे। जब कस्टमर टोल फ्री नंबर पर कॉल करता था तो उनके कंप्यूटर में एनीडेस्क एप डाउनलोड करवा लेते थे। जिस पर उनके कंप्यूटर का रिकॉर्ड ले लेते थे। इसके बाद उनके कंप्यूटर की स्क्रीन पर बैंक खातों में अमाउंट बढ़ा हुआ दिखाया जाता था। इस सर्विस के नाम पर गिफ्ट/बीटीसी के माध्यम से डॉलर चार्ज लेने के नाम पर ठगी करते थे। कस्टमर को गुमराह करके उनसे एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, आदि के गिफ्ट कार्ड खरीदवा कर उनके नंबर नोट कर लेते थे। फिर अपने जानकार से इन गिफ्ट कार्ड को चाइना में रिडीम करवा कर रकम हड़प लेते थे। आरोपियों से सात लैपटॉप, छह मोबाइल, चार्जर, हेडफोन समेत अन्य सामान मिला है। पुलिस मामले में मुख्य आरोपी नीरज की तलाश में दबिश दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें