सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र में जिले के विद्यार्थियों को तीन नए कोर्स का प्रशिक्षण मिल सकेगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन नए सत्र से इन कोर्स को शुरू करवाने व छात्रों के लिए सीट बढ़वाने के लिए प्रयासरत है।
विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटेड बीटेक-एमटेक, डिपार्टमेंट डिजाइन कोर्स को प्रारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थी इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर विज्ञान कोर्स एक साथ कर सकेंगे। डीसीआरयूएसटी प्रदेश में नई शिक्षा योजना-2020 पाठ्यक्रम लागू व उच्च शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन करने वाला पहला विश्वविद्यालय है।
यहां विद्यार्थियों के लिए सरस्वती केंद्रीय शैक्षणिक केंद्र (लाइब्रेरी) की स्थापना की गई है जिसमें विद्यार्थियों के लिए ई-पुस्तकों, पत्रिकाओं, शोध प्रबंध, वीडियो के माध्यम से व्याख्यान और वर्चुअल लैब जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
इसके अलावा अक्षय ऊर्जा परीक्षण केंद्र स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालय में जिले के छात्रों की सुविधा के लिए नए शैक्षणिक सत्र से पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड बीटेक-एमटेक, चार वर्षीय डिपार्टमेंट डिजाइन कोर्स कोर्स शुरू किया जाएगा।
कुलपति श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड बीटेक-एमटेक कोर्स में दोनों डिग्रियां एक साथ मिलेगी। इससे छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई में विशेषज्ञता व रिसर्च का मौका मिलेगा। साथ ही औद्याेगिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
डिपार्टमेंट डिजाइन कोर्स से छात्रों को कम्युनिकेशन डिजाइन, फैशन डिजाइन, प्रोडक्ट, ग्राफिक्स डिजाइन का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे छात्रों में रचनात्मकता व तकनीकी कौशल का विकास होगा। इनके अलावा कृषि विभाग प्रशिक्षण के लिए छात्रों के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर विज्ञान विभाग को मिलाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रत्येक कोर्स में 30 सीट बढ़ाने का लक्ष्य
मुरथल विश्वविद्यालय में फिलहाल करीब 5 हजार विद्यार्थी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और विज्ञान विषयों पर अध्ययनरत हैं। इनके अलावा 5 हजार विद्यार्थी विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालयों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विश्वविद्यालय में पीएचडी व एमटेक विभाग के अंतर्गत सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रोनिक्स जैसे 7 संकाय में शोधार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस सत्र में पीएचडी के अलग-अलग संकाय में 100, एमटेक के लिए 15-15 सीटें निर्धारित की गई हैं। प्रबंधन ने नए शैक्षणिक सत्र में 30-30 सीटें बढ़वाने का निर्णय लिया है।
डीसीआरयूएसटी की 2025 में उपलब्धियां
-नववर्ष से सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए ई-समर्थ पोर्टल के माध्यम से अवकाश प्रबंधन प्रणाली लागू होगी।
-ठोस कचरे के संग्रहण के लिए जेबीएम व विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन हुआ।
-शैक्षणिक कौशल विस्तार व छात्रों को बुनियादी ढांचे की कमियों से अवगत कराने के लिए विकास योजना के तहत पांच गांव को गोद लिया।
-जल निकायों के संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए पुनीत सागर अभियान के तहत छात्रों, शिक्षकों स्वयंसेवकों की सहभागिता।
-पर्यावरण विज्ञान, इंजीनियरिंग व ग्रामीण नियोजन के छात्रों को व्यवहारिक सीख के लिए सामुदायिक आउटरीच के तहत सोनीपत व नूंह के 9 गांवों में तालाबों का पुनर्विकास किया।