नरवाना अनाज मंडी में पुराने तरीके के कांटे से तोला जा रहा धान। संवाद
नरवाना। नरवाना नई अनाज मंडी में इन दिनों धान की बोरियों के ढेर लगे हुए हैं। उठान प्रक्रिया धीमी होने के कारण मंडी में जगह की भारी कमी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि मंडी में जहां तक नजर दौड़ती है, वहां तक धान से भरी बोरियां ही दिखाई देती हैं। इसके चलते किसानों को अपनी धान की फसल मंडी में लाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों को मंडी में धान उतारने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है, वहीं उठान में तेजी नहीं आने से मंडी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सरकार की ओर से मंडियों में पुरानी तौल प्रक्रिया को छोड़कर नए डिजिटल कांटों के माध्यम से धान की तौल करवाने की व्यवस्था लागू की गई है।
इसके बावजूद नरवाना नई अनाज मेला मंडी में रात के समय पुराने तीन टांगों वाले कांटों से धान की तौल होती दिखाई दी। इससे मंडी में सरकारी नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार की ओर से डिजिटल कांटों के माध्यम से तौल प्रक्रिया शुरू करवाने का उद्देश्य तौल में पारदर्शिता लाना और व्यवस्था को सुचारू बनाना है।
मंडी में रात के समय पुरानी व्यवस्था से तौल जारी रहने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पर ध्यान दिया जा रहा है या नहीं, यह सवाल बना हुआ है।
मार्केट कमेटी के सचिव रोशन लाल ने बताया कि सरकार के आदेशों के अनुसार पुरानी तोल प्रक्रिया बिल्कुल बंद है केवल नई डिजिटल कांटों से ही धान की तोल की जाएगी।
पुरानी तोल प्रक्रिया को लेकर सख्त हिदायत दी हुई है। लेकिन यदि अब भी पुरानी तोल प्रक्रिया चल रही है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। ओर रोका जाएगा। संवाद