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आठ पंप लगाकर निकाला जाएगा जुआं गांव के खेतों में भरा पानी

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गांव जुआं में जलभराव की स्थिति देखने पहुंचीं सीटीएम अनमोल। संवाद - फोटो : Sonipat
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गांव जुआं के खेतों में भरे पानी को निकालने के लिए आठ पंप सेट लगाए जाएंगे। साथ ही अगर पानी निकासी के दौरान किसी ने पाइप काटा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पानी निकासी की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अड़चन पैदा न हो, इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का भी गठन भी किया गया। सीटीएम के नेतृत्व में कमेटी ने गांव का दौरा भी किया।
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जुआं गांव में करीब 500 एकड़ भूमि में बारिश के बाद से पानी भरा हुआ है। गांव में तेवड़ी, मोई, रहमाणा, सिटावली, सलीमपुर ट्राली आदि गांवों से पानी पहुंच रहा है, लेकिन आगे पानी निकासी न होने के कारण फसल बर्बाद हो रही है। जिसके खिलाफ जुआं पंचायत-1 से जुड़े ग्रामीण प्रशासन से कई बार गुहार लग चुके हैं। उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। रोषित ग्रामीण पानी निकासी के स्थायी समाधान की मांग के लिए पाइप लाइन दबाने की मांग रहे हैं। अब प्रशासन की तरफ से पानी निकासी के लिए पंप सेट लगाने का फैसला किया गया है। पानी निकासी के बाद स्थायी समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। पंप सेट से पानी निकासी करने को लेकर पाइप काटने जैसी घटना भी हो चुकी है। ऐसे में प्रशासन ने पाइप काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
अनशन पर बैठे है जुआं-1 के ग्रामीण
जलभराव की समस्या के समाधान की मांग को लेकर लघु सचिवालय परिसर में जुआं पंचायत 1 से जुड़े ग्रामीण पांच दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे है। इस दौरान जुआं पंचायत के पूर्व सरपंच धर्मबीर अनशन पर भी बैठे हुए है। धर्मबीर के अतिरिक्त दो ग्रामीण हर रोज क्रमिक अनशन पर बैठते हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राली भरकर अनशन स्थल पर पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। रोषित ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण रबी सीजन की फसल बर्बाद हो गई थी, उसके बाद अब खरीफ सीजन की फसल बर्बाद हो रही है। यही नहीं पानी की निकासी नहीं हुई तो रबी सीजन की फसलों की बिजाई ही नहीं हो पाएगी। पिछले वर्ष भी ग्रामीणों ने अपने स्तर पर लाखों रुपये खर्च कर पानी निकासी करवाई थी, परंतु यह समस्या हर वर्ष की हो गई है। रोषित ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो ग्रामीण पंचायती चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
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जुआं-2 के ग्रामीण भी लघु सचिवालय पहुंचे
दूसरी तरफ मंगलवार को जुआं-2 पंचायत से जुड़े ग्रामीण भी पानी निकासी की मांग को लेकर लघु सचिवालय परिसर में पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि करीब 150 एकड़ भूमि में जलभराव की स्थिति है। जिसके कारण उनकी खरीफ सीजन की फसल बर्बाद हो रही है। रबी सीजन की फसलों की बिजाई भी समय पर नहीं हो पा रही है। इसलिए पानी निकासी के लिए अतिरिक्त पंप सेट उपलब्ध करवाएं जाए। ऐसे में जिला उपायुक्त ने जुआं पंचायत 1 और जुआं पंचायत 2 के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठक की तथा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
धरना स्थल पर पहुंचे भाजपा नेता राजीव जैन
जुआं गांव में खेतों में हुए जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन भी धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे पहले पंप सेट के माध्यम से पानी निकासी का काम शुरू करवाया जाएगा, इसके बाद समस्या का स्थायी समाधान भी होगा।
प्रशासन की प्राथमिकता गांव से पानी निकासी करना है। इसके लिए पंप सेट का इस्तेमाल किया जाएगा। निकासी के दौरान अगर कोई पाइप काटेगा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जल्द समस्या का समाधान हो सके, इसके लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। मंगलवार को जुआं गांव की दोनों पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की गई है। गांव में जाकर खेतों का निरीक्षण भी किया गया है।
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डॉ. अनमोल, सीटीएम, सोनीपत
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