फोटो 22: सोनीपत के गांव ककरोई के पास पश्चिमी यमुना नहर से वाल्व खुलवाकर डब्ल्यूटीपी के लिए पानी
सोनीपत। गांव ककरोई के पास पश्चिमी यमुना नहर से जल शोधन संयंत्र को पानी मिलना शुरू हो गया है। मेयर राजीव जैन ने मौके पर पहुंचकर सिंचाई विभाग की ओर से डाली गई लाइन के वाल्व खुलवाकर पानी छुड़वाया। अभी तक संयंत्र में पानी सेक्टर-23 स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के टैंक से मिल रहा था।
मेयर ने बताया कि ककरोई रोड के आसपास 20 से ज्यादा कॉलोनियों में वर्षों से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही थी। कॉलोनीवासी पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर थे। तत्कालीन शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन के कार्यकाल में कॉलोनियों में पानी की लाइन बिछाई गई और वर्ष 2018 में संयंत्र बनाने का काम शुरू हुआ। संयंत्र के लिए निर्धारित जमीन का कब्जा लेने में दो वर्ष लग गए थे। उसके बाद सिंचाई विभाग ने पानी देने में आनाकानी की तो कई बैठकों का दौर कर पानी मंजूर करवाया तो संयंत्र चलाने का रास्ता साफ हुआ था।
आबादी को 22 एमएलडी पानी की जरूरत
रेलवे लाइन पार क्षेत्र की आबादी को 22 एमएलडी पानी की जरूरत है। 15 एमएलडी के ककरोई रोड पर स्थित नवनिर्मित जल संयंत्र को अभी अस्थायी तौर पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से पानी मिल रहा था। वह बीच-बीच में बंद हो जाता था। वर्ष 1998 में महलाना रोड पर बने 18 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट से आने वाला पानी क्षेत्र के लिए कम पड़ रहा है। नगर निगम के पास आपूर्ति के लिए 17 एमएलडी पानी उपलब्ध है। डब्ल्यूटीपी चालू होने से 15 एमएलडी पानी और मिल सकेगा। पर्याप्त नहरी पानी मिला तो रेलवे लाइन पार पुराने शहर में पेयजल संकट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
छह लाख रुपये हर माह बचेंगे
नगर निगम वर्ष 2022 से लगातार पश्चिमी क्षेत्र के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से पानी खरीद रहा है। एचएसवीपी नगर निगम को प्रतिदिन तीन एमएलडी पानी दे रहा है। बदले में नगर निगम छह लाख रुपये का भुगतान कर रहा है। डब्ल्यूटीपी चालू होने के बाद नगर निगम के हर माह छह लाख रुपये बचेंगे।