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Sonipat News: जल ही जहर... घुट-घुटकर घूंट भर रहे ग्रामीण

Sun, 26 Apr 2026 02:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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बरोदा ठुठान के जलघर की जर्जर घोषित पानी का टैंक (डिग्गी) 02
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गोहाना। बरोदा गांव में पीने के पानी की समस्या अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। गांव की दो पंचायतों में जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। जर्जर डिग्गी और टूटी पाइपलाइन के कारण घरों तक शुद्ध पानी नहीं पहुंच पा रहा, जिससे लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जल विभाग और एसडीएम से की है लेकिन समस्या जस की तस है।
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बरोदा ठुठान पंचायत के लिए बनी पानी की टंकी (डिग्गी) को विभाग पहले ही जर्जर घोषित कर चुका है। इसी वजह से यहां नहरी पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। यहां के लोग डीपट्यूबवेल के पानी के ही भरोसे हैं जो सेहत के लिए उपयुक्त नहीं है। दूसरी ओर, बरोदा मोर पंचायत में बनी दोनों डिग्गियां ठीक हालत में तो हैं लेकिन यहां भी नहरी पानी का संकट है। जलापूर्ति विभाग एक दिन छोड़कर नहरी पानी की सप्लाई करता है, लेकिन जब नहर में पानी नहीं आता तो डीप ट्यूबवेल के पानी की ही आपूर्ति की जाती है।

पानी में रिसती गंदगी, सिसकती सेहत
बरोदा ठुठान के ग्रामीणों के अनुसार दूषित पेयजल की समस्या का एक बड़ा कारण जर्जर पाइपलाइन है। गांव में बिछी सीमेंट की पुरानी पाइपलाइन कई जगह से टूट चुकी है। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण इनमें गंदगी मिल जाती है और पानी दूषित हो जाता है। मजबूरी में लोगों को गंदा पानी पीना पड़ता है।
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गुणवत्ता की कसौटी पर खरा नहीं पानी

उनका कहना है कि गांव में पानी की गुणवत्ता सही नहीं है। नहरी पानी का टीडीएस 80 से 160 तक रहता है, जबकि डीप ट्यूबवेल का पानी 450 से 600 तक पहुंच रहा है। 500 से अधिक टीडीएस का पानी सेहत के लिए हानिकारक होता है। पानी का पीएच मानक 6.5 से 8.5 होना चाहिए, लेकिन सप्लाई में यह इससे ज्यादा आ रहा है।

ग्रामीणों में बढ़ रही पेट की बीमारी
बरोदा ठुठान के सुरेंद्र खासा का कहना है कि इस पानी से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत खराब हो रही है। पेट दर्द, चर्म रोग और बाल झड़ने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। गांव के लोगों ने विभाग से जल्द डिग्गी ठीक करने, टूटी पाइपलाइन बदलने और नियमित नहरी पानी की सप्लाई देने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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परेशानी ग्रामीणों की जुबानी


गांव में पीने के पानी की सप्लाई बहुत खराब है। विभाग ने डिग्गी को जर्जर घोषित कर उसका उपयोग बंद कर दिया है। अब गांव में पानी का सही प्रेशर नहीं आ रहा। स्टोरेज ना होने के कारण नहरी पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। डीप ट्यूबवेल का पानी अच्छा नहीं है।

-जितेन्द्र खासा उर्फ पिलु , बरोदा ठुठान








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गांव में पानी की समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। पुरानी पाइप लाइन टूटने के कारण गंदा पानी आ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

-मोहित पांचाल


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गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत और बढ़ जाती है। नहरी पानी पर्याप्त नहीं मिलता और डीप ट्यूबवेल का पानी पीना पड़ रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द नई पाइप लाइन बिछाने और पानी की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

-मनीष खासा


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बरोदा गांव की दोनों पंचायतों में कुल तीन पानी के टैंक हैं। दो टैंक बरोदा मोर पंचायत में हैं, जो फिलहाल ठीक है। बरोदा ठुठान का एक टैंक पुराना होने के कारण जर्जर घोषित कर दिया गया है। पीने के पानी की सप्लाई निर्धारित मानकों को ध्यान में रखकर दी जाती है। पानी का टीडीएस लगभग 450 तक रहता है। पीएच मान 6.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए, जो कई बार 8.5 से थोड़ा अधिक हो जाता है। इसी तरह पानी की हार्डनेस लगभग 600 मिलीग्राम प्रति लीटर तक, कैल्शियम 75 से 200 मिलीग्राम प्रति लीटर रखने का प्रयास किया जाता है, ताकि सप्लाई बेहतर और सुरक्षित बनी रहे।

- नरेंद्र लाठर, एसडीओ जल विभाग
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गांव में पीने के पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार विभाग और एसडीएम को शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांव की पुरानी सीमेंट पाइप लाइन जगह-जगह से टूटी हुई है, जिससे गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। पानी की टंकी जर्जर होने के कारण बंद पड़ी है और नहरी पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा। मजबूरी में डीप ट्यूबवेल का पानी पीना पड़ रहा है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। महिलाओं ने भी विभाग के चक्कर लगाए, लेकिन नई पाइप लाइन के लिए अब तक कोई ग्रांट मंजूर नहीं हुई है।
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-सीमा देवी, सरपंच बरोदा ठुठान
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