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Sonipat News: जाजी से जुआं तक, हर तरफ बरसे खुशी के रंग

Mon, 27 Feb 2023 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। विदेशी धरती पर अंकित गुलिया की जीत से गांव जाजी से लेकर जुआं तक, हर तरफ खुशी के रंग बरसे हैं, जिनमें परिजनों से लेकर ग्रामीण सराबोर हैं। क्योंकि गांव जाजी का लाडला अंकित गांव जुआं के अखाड़े में अभ्यास करता है। विदेशी जमीन पर ऐतिहासिक जीत के बाद घर लौटे अंकित को सभी ने पलकों पर बिठा लिया। मां कविता और दादी चांद कौर ने उसका पसंदीदा चूरमा खिलाकर मुंह मीठा कराया। मां ने कहा कि अंकित ने अपने दादा स्व. करतार सिंह का सपना पूरा किया है, एक दिन वह देश को ओलंपिक में मेडल जरूर दिलाएगा।
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अंकित ने मिस्र के एलेक्जेंड्रिया शहर में हुए इब्राहिम मुस्तफा टूर्नामेंट (द्वितीय रैंकिंग सीरीज) में कजाकिस्तान के पहलवान को 8-0 से एकतरफा शिकस्त देकर कांस्य पर कब्जा जमाया। उन्होंने रेपचेज राउंड में मिले मौके को भुनाते हुए पदक जीता। इस टूर्नामेंट में देश के लिए यह पहला मेडल है, इसलिए यह जीत सभी के लिए और भी अहम हो गई है। किसान बहादुर सिंह के घर जन्मे अंकित गुलिया जुआं अखाड़े में कोच संजीत के निर्देशन में अभ्यास करते हैं। घर पहुंचते ही गेट पर उन्हें तिलक लगाया गया। दादी चांद कौर व मां कविता ने बेटे को गले से लगा दिया। पिता बहादुर सिंह भी भावुक हो गए। सरपंच चांद गुलिया, चाचा अशोक गुलिया, सुरेंद्र, सुनील करेवड़ी, पूर्व सरपंच भीम सिंह, विनोद जुआं ने अंकित को बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

चूरमे और चने के लड्डू के शौकीन हैं अंकित
अंकित गुलिया को चूरमा व चने के लड्डू काफी पसंद है। दादी चांद कौर ने कहा कि पोते को नियमित दूध, दही और घी देती हैं। यह देसी खाने का ही कमाल है कि बेटा देश को पदक दिला रहा है। मां कविता ने कहा कि बेटे की उपलब्धि पर नाज है। अंकित की बहन रिंकू का विवाह हो चुका है। अंकित चौथी कक्षा से ही खेलों में रुचि रखने लगा था। फिर उसने गांव से जुआं जाकर कुश्ती का अभ्यास करना शुरू कर दिया था।
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पुणे के आर्मी स्कूल से पास की दसवीं, सेना में दे रहे सेवा
अंकित ने महाराष्ट्र के पुणे में आर्मी स्कूल से 10वीं कक्षा पास की है। उनका आठ अक्तूबर, 2022 को सेना में हवलदार के पद पर चयन हुआ था। वह वर्तमान में दिल्ली के राजश्री सेंटर में तैनात हैं। अंकित ने चीन में आयोजित अंडर-15 एशिया चैंपियनशिप-2019 में देश को स्वर्ण पदक दिलाया था। जिसके बलबूते ही उनका चयन सेना में हुआ था।

अंकित बोले, गुरुओं की प्रेरणा बनी जीत का मंत्र
अंकित ने कहा कि माता-पिता व परिवार के साथ-सात उनके गुरुओं ने सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उनके प्रशिक्षक बलवंत छिक्कारा, संजीत, डालमिया, लोकेश तथा संदीप ने उन्हें हमेशा अपना सहयोग दिया। उनके सहयोग और आशीर्वाद से ही जीत मिल रही है।
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अंकित की उपलब्धियां
-हंगरी में आयोजित कैडेट विश्व चैंपियनशिप-2021 में स्वर्ण पदक।
-पटना में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2022 में स्वर्ण पदक।
-बहरीन में आयोजित एशियाई प्रतियोगिता में कांस्य पदक।
-चीन में आयोजित अंडर-15 एशिया चैंपियनशिप-2019 में स्वर्ण पदक।
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