गांव कुंडल में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेयजल के बदले में बिल भेजने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से उन्हें यह सुविधा मुफ्त में मुहैया करवाया जा रही थी। अब गलत तरीके से पेयजल के बिल भेजकर इसका भुगतान करने को कहा जा रहा है, जबकि ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर खरखौदा से पेयजल पाइप लाइन दबवाने के साथ ही एक की-मैन को रखा हुआ है।
कुंडल निवासी अशोक, चांदबीर, विनोद, नरेश, बलवान व ओमकार ने कहा कि ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर गांव में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए पाइप लाइन खरखौदा जल घर से गांव तक दबवाई थी, जबकि हाल समय में जो की-मैन पेयजल सप्लाई कर रहा है, उसका खर्च भी पंचायत ही वहन कर रही है। वहीं अब उन्हें फोन पर जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मैसेज के माध्यम से पानी के बिल भेजे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इन बिलों को नहीं भरने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण आंचल में पेयजल की सुविधा मुफ्त में ही दी जा रही थी, लेकिन अब लोगों को करीब 15-15 सौ रुपये के बिल भेजे गए हैं, जो कि ठीक नहीं है। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजे गए बिलों को लेकर उनमें रोष है। वह इन बिलों का भुगतान नहीं करेंगे।
ग्रामीण आंचल में वर्ष 2016 से ही बिल भेजे जा रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता इन बिलों को नहीं भर रहे थे। अब सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन हो गया है। ऑनलाइन माध्यम से ही बिल भेजे जा रहे हैं। गांव रोहट सहित अन्य कई गांवों में बिलों का भुगतान किया गया है। यदि किसी गांव के ग्रामीणों को कोई समस्या है तो वह उनसे बात कर सकते हैं।
सुदेश, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग