किसानों को नेशनल हाईवे व संपर्क मार्गों से हटाने की मांग को लेकर शनिवार को कई गांवों के लोग कुंडली थाने में पहुंचे। उन्होेंने डीएसपी वीरेंद्र राव व ज्वाइंट कमिश्नर सुभाष चंद्र से मिलकर सड़क खाली कराने की मांग करने के साथ आरोप लगाया कि गांवों के संपर्क मार्ग तक बंद करके उनको कैद कर दिया है। नशा करके रातभर तेज आवाज में डीजे बजाकर ट्रैक्टरों को गांवों में दौड़ाया जाता है। इस तरह की हरकतों का विरोध करने पर मारपीट तक की जाती है। इस पर पुलिस व प्रशासन ने जल्द ही उनकी किसान नेताओं से बातचीत कराने का आश्वासन दिया है, जिससे इस समस्या का समाधान किया जा सके।
जीटी रोड के पास स्थित गांव अटेरना, सेरसा, कुंडली, जांटी, दहिसरा, भैरा, मनौली, जखौली, मुरथल, बढ़खालसा, रसोई, प्रीतमपुरा, नांगल, राई, भैरा बांकीपुर, खुरमपुर, झुंडपुर, जैनपुर टिकौला के लोग लगातार पंचायत करके जीटी रोड व संपर्क मार्ग खाली कराने की मांग कर रहे है। उनका कहना है कि पिछले दो महीने से जीटी रोड को पूरी तरह से बंद किया गया है तो गांवों के संपर्क मार्ग पर भी ट्रैक्टर खड़े करके ग्रामीणों का बाहर निकलना बंद कर दिया गया है। इस तरह से करीब 2500 फैक्टरी व एक हजार दुकान बंद है और यहां गांवों में रहने वाले किसानों के लिए भी परेशानी हो रही है।
आरोप लगाया गया कि किसान आंदोलन में शामिल युवा रातभर नशा करके तेज आवाज में डीजे बजाते हुए गांवों में ट्रैक्टर दौड़ाते हैं। उनका विरोध करते है तो उसके साथ मारपीट की जाती है। इसके साथ ही उल्टा ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है। इस तरह से कानून व्यवस्था भी पूरी तरह से बिगड़ती जा रही है। इसको लेकर ही शनिवार को चरण सिंह चौहान, ताहर सिंह चौहान, जयराम शर्मा, दीपक चौहान आदि कुंडली थाने में पहुंचे। जहां डीएसपी वीरेंद्र राव व ज्वाइंट कमिश्नर सुभाष चंद्र से मिलकर समस्या के बारे में बताया गया। इसके अलावा चेतावनी दी गई कि अगर पुलिस व प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता है तो ग्रामीणों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ेगा और उससे कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। जिस पर डीएसपी व ज्वाइंट कमिश्नर ने जल्द ही किसान नेताओं के साथ एक बैठक ग्रामीणों की कराने की बात कही है, जिससे इस समस्या का समाधान किया जा सके। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने रविवार को सेरसा गांव में 40 गांवों के लोगों की पंचायत बुलाई गई थी, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है।