संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। काठ मंडी गुड्डा रोड स्थित आर्य समाज मंदिर में आर्य समाज का 41वां वार्षिकोत्सव मनाया गया। तीन दिन तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की अच्छी भागीदारी रही। अंत में ऋषि लंगर का भी आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में सुंदरपुर रोहतक से पहुंचे स्वामी शांतानंद सरस्वती ने कहा कि वेद केवल धर्मग्रंथ नहीं बल्कि ज्ञान का भंडार हैं। उन्होंने कहा कि मोक्ष पाने का असली साधन वेदों का ज्ञान ही है। ओम की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि सांस लेते-छोड़ते समय ओम का जाप करने से मन शांत होता है। इंसान जीवन के दुखों से पार हो सकता है।
विशिष्ट अतिथि स्वामी मुक्तिवेश ने कहा कि वेदों का अध्ययन और चिंतन करने से मनुष्य ईश्वर की भक्ति की ओर बढ़ता है और आत्मा-परमात्मा का साक्षात्कार करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य समाज सभा के अध्यक्ष धर्मपाल आर्य ने की। उन्होंने कहा कि यजुर्वेद में भी बताया गया है कि परमात्मा को जानने और मृत्यु से पार पाने का मार्ग वेद ज्ञान ही है।
मंच संचालन आजाद सिंह दांगी ने किया। इस मौके पर पंडित विजेंद्र आर्य, मास्टर अजीत आर्य, सत्यनारायण आर्य, राजदेव आर्य, पंडित देव आर्य, बलराज आर्य, सुशील आर्य, इंदर सिंह आर्य, कुलदीप आर्य, रमेश मलिक सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मौजूद रहे।