सोनीपत। दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर ट्रेनों पर हो रही पत्थरबाजी की घटनाएं रेलवे के लिए चुनौती बनी हुई हैं। वर्ष 2025 में सोनीपत क्षेत्र में ट्रेनों पर 20 बार पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को अकेले सात बार निशाना बनाया गया।
इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन दोस्ती के तहत व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है।
आरपीएफ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगम यादव के नेतृत्व में गठित टीम रेलवे लाइन किनारे बसे आबादी वाले क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई संस्थानों में युवाओं को ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर जागरूक कर रही है। आरपीएफ के अनुसार नरेला से राठधना स्टेशन के बीच करीब छह किलोमीटर के दायरे में ट्रेनों पर पत्थरबाजी की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं। एक ओर रेलवे हाईस्पीड ट्रेनों और आधुनिक सुविधाओं के जरिए यात्रियों को बेहतर सेवा देने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर असामाजिक तत्व इन प्रयासों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
पत्थरबाजी से न केवल ट्रेन की खिड़कियों और कोचों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। एक वर्ष में वंदे भारत एक्सप्रेस के कई कोच क्षतिग्रस्त हुए हैं।
ऑपरेशन दोस्ती से दिया जा रहा सुरक्षा का संदेश : आरपीएफ ऑपरेशन दोस्ती अभियान के तहत लोगों को यह समझाया रही है कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकना गंभीर आपराधिक कृत्य है। अभियान में सब-इंस्पेक्टर शहाबुद्दीन, एएसआई राजपाल और एएसआई सुमनलता शामिल हैं।