संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिला परिषद की बुधवार को बैठक शुरू होते ही हंगामा हो गया। वार्ड नंबर 17 के पार्षद संत कुमार और वार्ड-18 के पार्षद देवेंद्र कुमार ने अधिकारियों की कुर्सियां खाली देखकर नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि जब विकास कार्यों को धरातल पर उतारने वाले जिम्मेदार अधिकारी ही सदन से गायब रहेंगे तो जन समस्याओं का समाधान कैसे होगा?
पंचायती राज विभाग के दो एसडीओ की गैर मौजूदगी में पार्षदों ने मेज थपथपाते हुए विरोध दर्ज कराया और बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर निकल गए। उनके समर्थन में अन्य पार्षद भी बैठक से बाहर चले गए।
जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया ने स्वयं बाहर जाकर नाराज पार्षदों को मनाया। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया। पार्षदों के बैठक में पहुंचने पर चेयरपर्सन ने आश्वासन दिया कि 10 दिन में दोबारा सदन की बैठक बुलाई जाएगी।
मोनिका दहिया ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के एस्टीमेट तैयार करने में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसडीओ और जेई को निर्देशित किया कि वह फाइलों को लटकाने के बजाय जल्द कागजी कार्रवाई पूरी कर मुख्यालय भेजें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य शुरू होने से पहले संबंधित जिला पार्षद को इसकी सूचना अनिवार्य रूप से दी जाए।
सीईओ ने नोटिस भेजकर 2 दिन में मांगा स्पष्टीकरण
जिला पार्षदों की नाराजगी को दूर करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय चोपड़ा ने बैठक से अनुपस्थित रहने वाले 12 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 15 अप्रैल की बैठक में उपस्थिति के लिए 1 अप्रैल को ही लिखित सूचना भेज दी गई थी। इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहना प्रशासनिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। संबंधित अधिकारियों को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए 2 दिन का समय दिया गया है।
एडीसी अजय चोपड़ा ने भी अधिकारियों के रवैये पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने पार्षदों को सीधा संवाद करने का सुझाव देते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी के कारण विकास कार्यों में बाधा आ रही है तो वह सीधे उनसे संपर्क करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि जिला परिषद के कार्यों में कोताही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा । उनके सर्विस रिकॉर्ड में इस लापरवाही को दर्ज किया जा सकता है।
इन अधिकारियों को भेजा नोटिस
सिविल सर्जन-समस्त कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस- उपनिदेशक, कृषि विभाग, उपनिदेशक, पशु पालन विभाग, जिला वन अधिकारी, उपमंडल अधिकारी, पंचायती राज मुरथल व सोनीपत।
ढोल-नगाड़ों के साथ रथ पर सवार होकर पहुंचे पार्षद
जिला पार्षद संजय बड़वासनी अपनी मांगों को लेकर अनोखे ढंग से प्रदर्शन करते हुए सदन की बैठक में पहुंचे। वह रथ पर बैठकर पंचायती राज का पुतला रखकर ढोल-नगाड़ों के साथ बरात के रूप में पहुंचे। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष से जिला परिषद को मजबूत करने और सांसद-विधायक की तर्ज पर वार्ड विकास के लिए कोटा निर्धारित करने की मांग लगातार उठाई जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
फोटो : सोनीपत जिला परिषद सदन की बैठक में मौजूद जिला पार्षद व अधिकारी। संवाद