हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव खांडा के लीलावती राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के गेट पर शुक्रवार सुबह छात्राओं व अभिभावकों ने रोष व्यक्त करते हुए कुंडी लगा दी। इस दौरान अभिभावकों ने कक्षा 11वीं की छात्राओं को गृहस्थ व ब्रह्मचर्य विषय को गलत तरीके से पढ़ाने का आरोप लगाया।
एक घंटे तक चले हंगामे के बीच ग्रामीणों ने अभिभावकों को समझाते हुए कुंडी खुलवाई, लेकिन फिर भी छात्राएं अंदर जाने के लिए तैयार नहीं थीं। ऐसे में मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्राओं को समझाकर अंदर भेजा। वहीं सूचना पाकर खंड शिक्षा अधिकारी सतीश शर्मा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने छात्राओं, अभिभावकों व शिक्षकों से पूछताछ करने के बाद शिक्षिका व छात्राओं में समन्वय नहीं बनता देख उन्हें डीडी पावर वापस लेकर दूसरी जगह तबादला करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सभी अभिभावक लौट गए।
छात्राओं ने एक शिक्षिका (जिनके पास स्कूल में प्राचार्य न होने के चलते स्कूल प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार है) पर पिछले सप्ताह 11वीं कक्षा की छात्राओं को नैतिक शिक्षा के सूक्ति सौरभ के गृहस्थ व ब्रह्मचर्य विषय को गलत तरीके से पढ़ाने का आरोप लगाया गया था। जिसकी जानकारी छात्राओं ने अभिभावकों को दी थी। अभिभावक शिकायत लेकर मंगलवार को विद्यालय में पहुंचे और नाराजगी जाहिर की।
जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी सतीश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर सभी से बातचीत की और मामला सुलझा दिया था। वहीं अभिभावकों ने शुक्रवार सुबह फिर छात्राओं के साथ विद्यालय में पहुंचकर गेट पर कुंडी लगा दी। ऐसे में सभी को विद्यालय से बाहर कर दिया। एक घंटे तक अभिभावक व छात्राएं रोष जताते रहे।
जिसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मामले का हल निकलवाने की बात कहकर कुंडी को खुलवा दिया। लेकिन छात्राओं ने विद्यालय के अंदर जाने से मना कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्राओं को विद्यालय के अंदर भेजा। इस बीच मौके पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी सतीश शर्मा व राजकीय विद्यालय, सैदपुर के प्राचार्य रविंद्र राणा ने छात्राओं व अभिभावकों को बुलाकर मामले की जानकारी ली।
छात्राओं ने फिर शिक्षिका पर पाठ्यक्रम के तहत गलत तरीके से पढ़ाने का आरोप लगाया। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस विषय पर तीन दिन पहले ही बातचीत की गई थी। उन्होंने छात्राओं व अभिभावकों से गेट बंद करने का कारण पूछा। प्राचार्य रविंद्र राणा ने कहा कि मामले को सुलझाने के बावजूद हंगामा करके विद्यालय के गेट को बंद करने के कारणों का जल्द पता लगाया जाएगा।
छात्राओं ने फोटो व वीडियो बनाने का भी लगाया आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि कई दिन पहले विद्यालय परिसर में गांव के ही युवकों को बुलाकर घास की सफाई करवाई गई। विद्यालय प्रभारी ने उन्हें भी सफाई करवाने में सहयोग करने की बात कही। आरोप है कि सफाई के दौरान युवकों ने उनके फोटो खींचे और वीडियो भी बनाए है। जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने स्टाफ सदस्यों को मौके पर बुलाकर बातचीत की तो सफाई के दौरान छात्राओं के साथ मौजूद शिक्षिका ने फोटो व वीडियो बनाने की बात से इन्कार कर दिया।
बोले - शिक्षिका के रहते बेटियों को नहीं भेजेंगे विद्यालय
विद्यालय में रोष व्यक्त कर रहे अभिभावकों ने कहा कि जब तक यह शिक्षिका विद्यालय में कार्यरत रहेगी तो वे अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए विद्यालय में नहीं भेजेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में वे अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। वहीं विद्यालय के आसपास रहने वाले कुछ ग्रामीणों ने कहा कि प्रभारी की ओर से विद्यालय में सख्ती के साथ नियमों का पालन करवाया जा रहा है। ऐसे में छात्राओं से लेकर शिक्षकों तक पर सख्ती बरती जा रही है। यहीं कारण है कि विद्यालय प्रभारी का विरोध किया जा रहा है।
मामले में सभी का पक्ष जानने के बाद सामने आया कि छात्राओं व शिक्षिका के बीच सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। किसी की ओर से छात्राओं की फोटो खींचने या वीडियो बनाने का मामला सामने नहीं आया। स्थिति को देखते हुए शिक्षिका से डीडी पावर लेकर किसी अन्य प्राचार्य को दी जाएगी। वहीं उनका तबादला भी दूसरी जगह किया जाएगा।
- सतीश शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, खरखौदा