सोनीपत। जिला परिषद की बैठक में वीरवार को पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने जिला परिषद की ग्रांट से कराए जाने वाले कार्यों में सरपंचों पर मनमानी का आरोप लगाया। वह किसी तरह का हस्तक्षेप करते हैं तो सरंपच उनकी नहीं चलने देते हैं, क्योंकि ठेकेदार, सचिव, पंचायत विभाग के अधिकारी सभी उनके साथ खड़े हो जाते हैं। सीईओ ने साफ कहा कि अगर विकास कार्य में किसी तरह की गड़बड़ हो रही है तो वह उसकी जांच कराकर कार्रवाई करा सकते हैं। अब वह सरपंच को धमकाने नहीं आएंगे और उनके व सरपंच के बीच चल रहे मामले आपस में सुलझाने होंगे। इसके साथ ही सीईओ ने कहा कि अब जिला परिषद की ग्रांट से होने वाले विकास कार्य का कोई भी बिल पार्षदों की अनुमति से पास होगा, जिससे ठेकेदारों के साथ ही सरपंच व पंचायत विभाग के अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी। इसके अलावा भी काफी मामलों को लेकर हंगामा हुआ और अधिकारियों पर सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए गए।
जिला परिषद कार्यालय में वीरवार को चेयरपर्सन मीना नरवाल, सीईओ डॉ. संजय कुमार ने बैठक शुरू कराई। जहां सबसे पहले पार्षदों से बजट को लेकर चर्चा की गई और जिला परिषद भवन के जीर्णोद्धार के लिए 89 लाख रुपये के बजट के प्रस्ताव को मंजूर किया गया। इसमें से 75 लाख रुपये पहले ही परिषद में आए हुए हैं और इससे जल्द ही काम शुरू कराने की बात कही गई। इसके अलावा पार्षदों से कहा गया कि वह अपने-अपने वार्ड में होने वाले विकास कार्यों की सूची बनाकर एक सप्ताह में देते हैं तो उनका एस्टीमेट तैयार कराकर सरकार को भेजा जाएगा, जिससे 2020-21 का बजट मिल सके। जबकि पिछले साल शुरू में 14 करोड़ 75 लाख रुपये बजट मिला था, जिसमें अब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होनी है तो अन्य विकास कार्य के अनुसार बजट की मांग की जाएगी। इसपर पूरी सूची फाइनल होने के बाद मुहर लगाई जाएगी। विकास कार्यों का मामला आने पर पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि चार साल में काम नहीं कराए गए और जिनको शुरू कराया गया, उनको पूरा नहीं कराया गया। क्योंकि ऐसी काफी जगह हैं, जहां ठेकेदार, सरपंच व पंचायत विभाग के अधिकारी मिलकर काम रुकवा देते हैं। सीईओ डॉ. संजय कुमार ने कहा कि जिला परिषद की ग्रांट से जितने भी कार्य कराए गए हैं, उनका पूरा हिसाब बीडीपीओ से मांगा जा रहा है और उनको जल्द ही हिसाब देना होगा। पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनको ग्राम सभा की बैठक तक में नहीं बुलाया जाता है। जिसपर सीईओ ने कहा कि अब यह मामला उनके संज्ञान में आया है और उनको आगे से ग्राम सभा की बैठक में नहीं बुलाया गया तो जिम्मेदार अफसरों की खैर नहीं होगी।
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पार्षद नंदकिशोर ने कहा- विकास कार्य नहीं कराए तो इस्तीफा दे देंगे
वार्ड 23 के पार्षद नंदकिशोर चौहान ने कहा कि पार्षदों के दिए हुए विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। उनको किसी न किसी बहाने से रोक दिया जाता है तो बजट तक नहीं मिल रहा है। जनता उनसे पूछती है कि उनकी समस्या का कबतक समाधान हो जाएगा, लेकिन वह जनता के सवालों का जवाब तक नहीं दे पाते हैं। जबकि लोगों की उनसे समस्या के समाधान को लेकर बड़ी उम्मीद रहती है। पार्षद नंदकिशोर ने मनौली, खटकड़, खुर्मपुर की सड़क की समस्या भी उठाई, जिसको कई जगह बिना बनाए छोड़ दिया गया है। इसके अलावा भी उन्होंने कई समस्याएं उठाई और यहां तक कह दिया कि अगर विकास कार्य नहीं कराए जाते हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे। जिसपर सीईओ डॉ. संजय कुमार ने उनकी सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और उनकी सूची भी तैयार कराई।
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पार्षद ज्योति मलिक ने टोल टैक्स, बिजली व पानी की समस्या उठाई
वार्ड 15 की पार्षद ज्योति मलिक ने कहा कि उनके यहां भिगान में टोल प्लाजा लगा हुआ है। जिसको लगाते समय कहा गया था कि उसके 15 किमी के दायरे तक के गांवों से कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा, लेकिन अब वहां मनमानी की जा रही है और वहां टोल टैक्स वसूला जा रहा है। इसे बंद कराने की मांग उठाई गई। इसके अलावा बिजली शेड्यूल के अनुसार नहीं आने के साथ ही लल्हेड़ी में पानी की समस्या को उठाया गया। जिसके लिए सीईओ डॉ. संजय कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनका समाधान जल्द से जल्द कराया जाए।
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भठगांव में पार्षद की समस्या ही दो साल से नहीं हुई दूर
वार्ड 10 की पार्षद यशवंती देवी ने आरोप लगाया कि भठगांव में उनके घर के बाहर पानी की लाइन पर वाल्व लगाया जाना था और वह उसके लिए पिछले दो साल से जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग कर रही है। लेकिन उनके यहां अभी तक वाल्व नहीं लगाया गया और जब उनकी ही समस्या का समाधान अधिकारी नहीं कर रहे है तो आम जनता की समस्या का समाधान कैसे किया जाता होगा। इसपर सीईओ भजक गए और जनस्वास्थ्य विभाग के जेई को साफ कहा कि इस समस्या का समाधान एक दिन के अंदर हो जाना चाहिए।
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जिला परिषद की बैठक में नहीं पहुंचे अफसर, शो-कॉज नोटिस
जिला परिषद की मीटिंग में जहां सीईओ के अलावा डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक, चेयरपर्सन मीना नरवाल, पार्षद नंदकिशोर चौहान, अनिल फरमाना, प्रमोद मोदी, ज्योति मलिक, यशवंती देवी, संजय खानपुर रहे। वहीं इस बार भी जिला परिषद की मीटिंग में केवल पंचायत विभाग के अधिकारियों के अलावा मौलिक शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहुंचे। जबकि अन्य किसी भी विभाग के अधिकारी मीटिंग में नहीं पहुंचे, जिसको लेकर भी पार्षदों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि जब अधिकारी ही मीटिंग में नहीं आएंगे तो समस्याओं का निस्तारण ही नहीं होगा। जिसपर सीईओ डॉ. संजय कुमार ने सभी विभागों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के लिए कहा है।