सोनीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य सलाहकार डीएस ढेसी ने कहा कि सोनीपत को एक विकसित शहर की अवधारणा के तहत शहरी सेवाओं की निगरानी, समन्वय और प्रबंधन करना है। शहर के संसाधनों का कुशल उपयोग कर नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना है। इसके लिए शहर में इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) स्थापित किया जाएगा।
डीएस ढेसी मंगलवार को लघु सचिवालय में सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उनके पूछने पर निगमायुक्त ने सेक्टर-3 में निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय में आईसीसीसी स्थापित करने की जगह निर्धारित होने की बात की। डीएस ढेसी ने एसएमडीए को आईसीसीसी स्थापित करने के लिए प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
क्या है इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
1. ट्रैफिक और यातायात प्रबंधन
सीसीटीवी और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) सिस्टम की मदद से यातायात पर निगरानी।
ट्रैफिक नियम उल्लंघन की पहचान और ई-चालान जारी करना।
रीयल टाइम ट्रैफिक डेटा के आधार पर सिग्नल रिकग्नाइजेशन और भीड़ नियंत्रण।
2. कानून व्यवस्था और सुरक्षा निगरानी
सार्वजनिक स्थानों, प्रमुख चौराहों और बाजारों में सीसीटीवी की मदद से निगरानी।
पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को त्वरित अलर्ट व सहयोग देना।
महिला सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी।
3. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (स्वच्छता)
कूड़ा उठाने वाले वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग।
सफाई के कार्यों की रीयल टाइम निगरानी और रिपोर्टिंग।
शिकायत निवारण तंत्र के साथ जुड़ाव।
4. जल आपूर्ति और सीवरेज प्रबंधन
जल वितरण की निगरानी, लीकेज की पहचान और रीयल टाइम समाधान।
सीवरेज लाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की निगरानी।
5. स्ट्रीट लाइट्स और ऊर्जा प्रबंधन
स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों का नियंत्रण और मरम्मत की सूचना।
बिजली की खपत का विश्लेषण और अनावश्यक खर्च में कमी।
6. आपदा प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया
आग, बाढ़, गैस लीक दुर्घटना के दौरान त्वरित सूचना और समन्वित कार्रवाई।
पुलिस, फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस से समन्वय।
7. नागरिक शिकायत प्रणाली और संवाद
नागरिकों से आने वाली शिकायतों व प्रस्तावों की डिजिटल ट्रैकिंग।
सभी विभागों के बीच आपसी समन्वय से समाधान।
8.डाटा संग्रह और विश्लेषण
शहर से संबंधित सभी डिजिटल डाटा का एकत्रीकरण और विश्लेषण।
स्मार्ट निर्णय लेने में सहायता।
बगैर शोधित पानी यमुना में न जाए
मुख्य सलाहकार डीएस ढेसी ने निर्देश दिए कि यमुना की सफाई को लेकर सरकार गंभीर है। ऐसे में शहर से निकलने वाला सीवरेज का एक बूंद पानी बगैर शोधित हुए यमुना में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी ड्रेनों पर रास्ते में संग्रहण प्वाइंट बनाएं। राठधना एसटीपी की क्षमता बढ़ाने और अटेरना एसटीपी को शुरू करने के निर्देश दिए।
सुभाष स्टेडियम के विकास का प्रस्ताव भी तैयार करें
डीएस ढेसी ने निर्देश दिए कि सेक्टर-4 में खेल परिसर को एसएमडीए विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि इसको लेकर प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि शहर के बीच में स्थित सुभाष स्टेडियम में भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी आते हैं। इस स्टेडियम को भी एसएमडीए विकसित करे। दोनों का प्रस्ताव एक साथ तैयार करें।
अव्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्रों की सूची तैयार करने के निर्देश
मुख्य सलाहकार ने कहा कि नाथूपुर औद्योगिक क्षेत्र में 400 से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें न तो मास्टर रोड है और न ही मास्टर सीवर लाइन। पेयजल की व्यवस्था नहीं है। सभी इकाइयों का डाटा तैयार करें, ताकि इस संबंध में प्रस्तार तैयार कर सरकार को भेजा जा सके। उन्होंने कुंडली स्थित टीडीआई सिटी में अधूरी पड़ी सड़कों के कार्यों को पूरा करने के लिए एचएसवीपी के संपदा अधिकारी व डीटीपी को निर्देश दिए।
इस दौरान एसएमडीए की सीईओ ए मोना श्रीनिवासन, उपायुक्त डाॅ. मनोज कुमार, नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार, एसएमडीए की डिप्टी सीईओ वीना हुड्डा, एसीयूटी गौरव, जिला परिषद के सीईओ अभय सिंह जांगड़ा, एसीपी जीत सिंह भी मौजूद रहे।