सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्किल इंडिया योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा होने के बाद छात्रों ने एडमिशन निरस्त कराकर फीस वापसी के लिए आवेदन कर दिया है। ऐसा कोई एक छात्र नहीं है, बल्कि इस तरह के 57 छात्र है और अब केवल तीन ही छात्र बी-वोकेशनल कोर्स में पढ़ना चाहते हैं। अब यूनिवर्सिटी को 29-49 हजार रुपये के बीच छात्रों का वापस देना होगा। क्योंकि यूनिवर्सिटी में यूजीसी से कम्यूनिटी कालेज की अनुमति लेकर एडमिशन बी-वोकेशनल कोर्स में कर दिए गए थे। जिससे छात्रों के तीन साल भी बर्बाद हो गए हैं और अब उनको शाम के समय क्लास की जगह रेगुलर दिन में क्लास चलाने की बात कही जा रही है। इस कारण ही छात्रों ने एडमिशन कैंसिल कराकर फीस वापस मांगी है।
मुरथल यूनिवर्सिटी की ओर से यूजीसी में स्किल इंडिया प्रोग्राम के तहत कम्यूनिटी कालेज के लिए आवेदन किया गया, जिसकी अनुमति 2014-15 में मिल गई। कम्यूनिटी कालेज के तहत डिप्लोमा इन रिटेल मैनेजमेंट व एडवांस डिप्लोमा इन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी की अनुमति दी गई। यूजीसी ने यूनिवर्सिटी की ग्रांट भी पहले वर्ष के लिए 50.60 लाख व दूसरे वर्ष के लिए 63.20 लाख रुपये मंजूर कर दी, जिसमें से पहले वर्ष के लिए पहली किस्त 25.30 लाख रुपये यूनिवर्सिटी को जारी कर दिए गए। लेकिन यूनिवर्सिटी में 2014-15 में कोई एडमिशन नहीं किया गया और 2015-16 से जब एडमिशन किए गए तो वह बी-वोकेशनल कोर्स के तहत कर लिए गए जो कम्यूनिटी कालेज से अलग होते हैं। ऐसे 60 छात्र हैं, जिनकी यह फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद परीक्षा नहीं कराई जा रही थी। जिस समय इन छात्रों का एडमिशन किया गया था, उस समय कहा गया था कि यह कोर्स करने वालों की क्लास शाम के समय दो घंटे चलेगी। वहीं अब छात्रों के लगातार परीक्षा कराने के लिए हंगामा करने पर यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में पेपर कराने का प्रस्ताव पास कर दिया है। लेकिन यह तभी कराया जा सकता है, जब अन्य कोर्स की तरह रेगुलर क्लास लगाई जाएगी। यह मामला होने पर 57 छात्रों ने अपना एडमिशन कैंसिल कराकर फीस वापसी के लिए आवेदन कर दिया है। इस तरह एक साथ 57 एडमिशन कैंसिल होने के लिए आवेदन आने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी पर धमकी देने का आरोप
मुरथल यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे छात्र कई बार रजिस्ट्रार व वीसी से मिले थे, जिसके बाद उनकी परीक्षा कराने के लिए प्रस्ताव पास जरूर कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद इस पूरे मामले में लापरवाह अफसर अभी तक छात्रों को धमकी दे रहा है और छात्रों से कहा जा रहा है कि यूनिवर्सिटी में कोई उसका कुछ नहीं कर सकता है। छात्रों का आरोप है कि वह अधिकारी वीसी तक को चुनौती दे रहा है और उसके बावजूद उस लापरवाह अधिकारी को बचाया जा रहा है। उसके खिलाफ भी छात्रों ने कार्रवाई की मांग उठाई है।
इसमें गलती जरूर हुई है कि कम्यूनिटी कालेज की जगह बी-वोकेशनल में एडमिशन किए गए। लेकिन इसमें सबसे पहले छात्रों की परीक्षा कराना जरूरी था और अब उनकी परीक्षा कराई जाएगी। वहीं जिन छात्रों को अब कोर्स करने में परेशानी है तो उनकी ओर से फीस वापसी के लिए आवेदन किया गया है और उनकी फीस वापस की जाएगी। इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले यूनिवर्सिटी के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी, जिसके लिए जांच कमेटी बनाई जा रही है।
-प्रो. अनिल खुराना, रजिस्ट्रार मुरथल यूनिवर्सिटी