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Sonipat News: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने डॉ. संतराम की पुस्तक का किया लोकार्पण

Sat, 29 Nov 2025 02:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 06- दिल्ली ​​स्थित आवास पर आयोजित शहीद यादगार समारोह के दौरान पद्मश्री अवाॅर्डी डॉ. संतराम
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सोनीपत। केंद्रीय आवास, विकास व ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित शहीद यादगार समारोह के दौरान सोनीपत के पद्मश्री सम्मान से अलंकृत साहित्यकार एवं लेखक डॉ. संतराम देशवाल की संस्कृति की खोज, नामक पुस्तक का लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने डॉ. संतराम देशवाल की सराहना भी की। उनको साहित्य व शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए अवॉर्ड दिया गया था।
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पद्मश्री अवाॅर्डी डॉ. संतराम देशवाल ने बताया कि यह पुस्तक ललित निबंध संग्रह है, जिसमें उनके 22 ललित निबंध संकलित हैं। आजकल हिंदी साहित्य में ललित निबंध बहुत कम लिखे जा रहे हैं। शायद संपूर्ण देश में दो-चार साहित्यकार ही ऐसे होंगे, जो ललित निबंध पर लेखनी चला रहे हैं। कई दिन पहले जब उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी साहित्यकार का बयान पढ़ा कि हिंदी साहित्य में ललित निबंध गायब हो गया है तो उन्होंने पुस्तक लेखन का निर्णय लिया। उनकी पुस्तक लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा, पूर्व ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र, योगेश सिलानी सहित काफी लोग मौजूद रहे।
साहित्यिक यात्रा ने दिलाई विशिष्ट पहचान
डॉ. संतराम देशवाल को उनकी साहित्यिक यात्रा, योगदान ने उन्हें देशभर में विशिष्ट पहचान दिलाई है। डॉ. देशवाल ने साहित्य के विभिन्न विधाओं में 30 से अधिक पुस्तक लिखी हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘लोक-आलोक’, ‘अनकहे दर्द’, ‘हंस बोलिए मेरे राम’, ‘इक्कीसवीं सदी के ललित निबंध’ जैसे लेख शामिल हैं। उनकी पुस्तक ‘लोक-आलोक’ व कविता संग्रह ‘अनकहे दर्द’ को साहित्य अकादमी की ओर से सर्वश्रेष्ठ पुस्तक के रूप में पुरस्कृत किया जा चुका है। उनकी पत्नी डॉ. राजकला देशवाल भी उत्कृष्ट लेखकों में शामिल हैं।
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साहित्य व संस्कृति को दिया बढ़ावा
डॉ. संतराम देशवाल ने सदैव हरियाणवी लोक साहित्य व संस्कृति को बढ़ावा दिया। इतना ही नहीं उनकी जीवनशैली में भी यह स्पष्ट रूप से दिखाता है। उन्होंने हरियाणा के लोक साहित्य पर आधारित कई शोध पूर्ण पुस्तकें लिखी हैं। ‘हरियाणा के लोक साहित्य के नवरत्न’ व ‘हरियाणवी लोक साहित्य : कड्डन विधा’ प्रमुख हैं। इनके अलावा उन्होंने हरियाणवी नव गजल व ललित निबंध लेखन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डॉ. संतराम विभिन्न पुरस्कार कर चुके हासिल
डॉ. संतराम देशवाल की साहित्यिक प्रतिभा को विभिन्न विश्वविद्यालयों व संस्थानों ने भी सराहा है। हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. संतराम देशवाल को साहित्य व पत्रकारिता के क्षेत्र में महाकवि सूरदास आजीवन साहित्य साधना सम्मान, जनकवि मेहर सिंह पुरस्कार, बाल मुकुंद गुप्त साहित्य सम्मान, सर्वोत्तम पत्रकारिता सम्मान, सर्वोत्तम शिक्षक सम्मान, सोनीपत रत्न सम्मान, हिंदी सहस्त्राब्दी सम्मान, काव्य कलश सम्मान जैसे पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। डॉ. संतराम हमेशा अपनी उपलब्धियों का श्रेय अपने गुरुजनों, बुजुर्गों, पूर्वजों, जीवनसंगिनी डॉ. राजकला देशवाल को देते हैं।
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