सोनीपत। सिविल सर्जन कार्यालय में शुक्रवार को पीसी-पीएनडीटी की जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिलास्तर पर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच व निरीक्षण के बारे में चर्चा की गई।
जहां पर जांच की आवश्यकता है, वहां के लिए कमेटी बनाने का प्रावधान किया गया। सर्वप्रथम बत्रा हॉट एंड लंग्स इंस्टीट्यूट की अल्ट्रासाउंड मशीन को दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
वहीं, फोनिक्स मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल चिंतपूर्णी कॉलोनी में अल्ट्रासाउंड मशीन के पंजीकरण के बारे में मंजूरी दी गई। ऑस्कर हॉस्पिटल की सील की गई मशीन को दोबारा पंजीकरण बारे प्रस्ताव पास किया गया। गुरुजी रावल हॉस्पिटल सेक्टर-15 की ओर से अल्ट्रासाउंड मशीन को बेचने बारे प्रस्ताव मंजूर किया गया।
सिविल सर्जन ने जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुव्यवस्थित व आवश्यकता अनुसार निर्देश दिए। पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के सामूहिक प्रयास से जिले में लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। जिला का लिंगानुपात 905 तक पहुंच गया है।
उन्होंने कानूनी जागरूकता के लिए प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स अधिनियम के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम गर्भावस्था के दौरान लिंग निर्धारण और लिंग-चयनात्मक गर्भपात को प्रतिबंधित करता है। अधिनियम 1994 के अनुसार 3 साल की सजा व 10 हजार जुर्माने का प्रावधान है।
डॉ. सुमित कौशिक ने बताया कि गर्भवती का पूर्ण रिकॉर्ड ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता के पास होता है। यदि किसी भी स्थान पर लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें।
इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी प्रवीण कुमारी, नोडल अधिकारी डॉ. नितिन, डॉ. रिचा, आईएमओ डॉ. शैलेंद्र राणा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अलंकिता, प्रदीप राणा भी उपस्थित रहे।