सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य ने बुजुर्ग की हत्या करने वाले दो दोषी युवकों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सबूतों के अभाव में बुजुर्ग की बहू को बरी कर दिया गया है। दोनों दोषियों पर 16-16 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
गांव नाहरा निवासी सज्जन ने 10 मार्च, 2019 को कुंडली थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके पिता करतार (65) व मां हंसो देवी (62) 9 मार्च, 2019 की रात को घर में सो रहे थे। उनकी सात वर्षीय भतीजी नव्या भी उनके साथ सो रही थी। वह अपने बड़े भाई के घर पशुबाड़े के पास सो रहा था। रात को अज्ञात लोगों ने उनके माता-पिता पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया था। शोर सुनकर कमरे में सो रही नव्या की आंख खुली तो उसने दो लोगों को घर से भागते हुए देखा था। दोनों ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। नव्या ने रात करीब डेढ़ बजे फोन कर उसे जानकारी दी थी। वह और फौज से छुट्टी पर आए उनके भाई कर्ण घर दौड़कर आए। माता-माता को लेकर वह दिल्ली के नरेला स्थित सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल गया, जहां चिकित्सक ने उनके पिता को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
जांच कर रहे कुंडली थाना प्रभारी रवींद्र कुमार को सूचना मिली थी कि हत्या के मामले में परिवार का सदस्य शामिल है। इस पर पुलिस ने सभी की कॉल डिटेल खंगाली तो करतार की बहू रीना पर शक गहरा गया था। पुलिस ने शक के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने वारदात से पर्दा उठाते हुए बताया था कि रीना ने अपने मायके गांव मुरथल निवासी हरीश व उसके साथी गांव ताजपुर निवासी शुभम से मिलकर अपने ससुर की हत्या कराई है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था।
बताया गया था कि रीना के मायके का रहने वाला हरीश करतार के घर आता था। उसके घर आने पर करतार टोका-टिप्पणी करते थे। साथ ही अपने बेटे पवन को भी बता देते थे। इसे लेकर घर में विवाद रहता था। पति-पत्नी में भी अनबन हो जाती थी। इसी के चलते हरीश ने साथी शुभम के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
मामले में एएसजे डॉ. संजीव आर्य ने हरीश और शुभम को हत्या में उम्रकैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 324 में 3 साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माना व धारा 449 में 10 साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।