सोनीपत। शहर में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने पिछले छह माह में दूध के छह और पनीर के दो सैंपल भरे। इनमें पनीर के सैंपल फेल पाए गए। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने जुरासिक पार्क के एरोप्लेन रेस्टोरेंट व आहुजा ढाबा के संचालकों को नोटिस जारी कर दिया।
विभाग के अफसर पिछले छह माह में दूध के केवल छह तो पनीर के दो सैंपल ले सके। पनीर के सैंपल नवंबर माह में जुरासिक पार्क के एरोप्लेन रेस्टोरेंट व आहुजा ढाबा से लिए गए थे। उन सैंपलों को जांच के लिए लैब में भेजा गया। जांच के दौरान यह सैंपल फेल पाए गए। दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में आई रिपोर्ट के आधार पर जुरासिक पार्क के एरोप्लेन रेस्टोरेंट व आहुजा ढाबा के संचालकों को नोटिस भी जारी किए गए।
मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. सुशील जैन ने बताया कि दूध के सैंपल में फैट की मात्रा 3.5 प्रतिशत होनी चाहिए। दूध के फैट की मात्रा कम होने या दूध में पाउडर मिलाने से सेहत पर असर नहीं होता, लेकिन दूध व उससे जुड़े प्रोडक्ट में शुद्धता नहीं रह पाती है।
सैंपल फेल होने पर यह है प्रावधान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि पनीर के सैंपल फेल होने पर जुरासिक पार्क के एरोप्लेन रेस्टोरेंट व आहुजा ढाबा के संचालकों को नोटिस जारी कर दिया गया। अब उन पर जुर्माना करने के लिए एडीसी कोर्ट में केस डाला जाएगा। नियम के अनुसार 3 से लेकर 5 लाख रुपये तक जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। जुर्माना नहीं भरने पर तहसीलदार की ओर से प्रॉपर्टी को कुर्क भी किया जा सकता है। नियम के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के सेहत पर कोई असर पड़ता है तो जांच के बाद दो साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।