खरखौदा। प्रताप कॉलोनी के सचिन की हत्या से पहले ही उनका परिवार गमगीन माहौल में डूबा था। काल का चक्र ऐसा घूमा कि एक ही दिन परिवार ने दो सदस्यों को सदा के लिए खो दिया। सचिन की हत्या के मामले में अस्पताल में पहुंचे परिजनों से बातचीत के बाद पता लगा कि सोनीपत के सेक्टर-12 बाईपास पर हमलावरों ने सचिन के चाचा शमशेर को पीटकर मौत के घाट उतारा था। 22 अप्रैल को दिन में चाचा की हत्या के बाद रात को दोस्तों ने सचिन को मौत के घाट उतार दिया था।
सचिन के भाई संजू ने बताया कि 22 अप्रैल को दिन में सचिन अपने साथियों के साथ घर से चला गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। रात को उनकी मोबाइल पर बात हुई तो सचिन ने कुछ देर बाद आने की बात कही थी। इसी बीच सोनीपत के मॉडल टाउन में रहने वाले उनके चाचा शमशेर की हत्या किए जाने की सूचना मिली थी। इस पर वह सोनीपत चले गए। नागरिक अस्पताल में चाचा के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने पर खानपुर ले जाया गया। पोस्टमार्टम करवाकर वह सोनीपत पहुंचे तो, परिवार के सदस्य बोले कि पैतृक गांव लाठ-जौली में ही संस्कार करेंगे। इसके बाद वह अपने पैतृक गांव चाचा का अंतिम संस्कार करवाने चले गए। वहां से वापस आने पर भी जब सचिन का पता नहीं चला और उसका मोबाइल बंद मिला तो पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद सचिन की हत्या का पता लगा। उसके दोस्तों ने 22 अप्रैल को ही उसके भाई की हत्या कर दी थी।
अलग-अलग स्थानों पर हत्या, खानपुर में पोस्टमार्टम
संजू ने बताया कि चाचा व भाई को उन्होंने एक ही दिन खो दिया। अलग-अलग स्थानों पर दोनों की एक ही दिन जिंदगी चली गई। एक दिन परिवार के दो सदस्यों की हत्या से पहले से ही गमगीन परिवार का दुख और बढ़ गया है।
गोद लेकर की थी परवरिश, उस बेटे पर लगा हत्या का दाग
जिस युवक कमल पर हत्या का आरोप लगा है उसे मां अंगूरी ने गोद लेकर परवरिश की थी। अंगूरी को पति से कोई बच्चा नहीं था। इसके चलते ही कमल को गोद लिया था। अब कुछ माह पहले ही उनके पति की मौत हो गई। इसके बाद कमल ही उनका इकलौता सहारा है। जिसका पालन-पोषण करने के लिए वह स्कूल में काम करती हैं। अब उस बेटे पर ही हत्या का दाग लग गया है।