सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने गैर इरादतन हत्या व मारपीट के मामले में सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है अदालत ने गैर इरादतन हत्या में दो भाइयों को 10-10 साल कैद व मारपीट के मामले में तीसरे को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दो दोषियों पर 15-15 हजार रुपये व एक पर पांच हजार रुपये जुर्माना किया है।
खान कॉलोनी निवासी निरमेश (36) की सिर में चोट लगने से मौत हो गई थी। निरमेश के पति प्रवीन ने पुलिस को बताया था कि 17 अगस्त, 2018 की रात को ऑटो खड़ा करने को लेकर पड़ोसी अमित से कहासुनी हो गई थी। उसके साथ उसके दोस्त खरखौदा का सतीश उर्फ काला व फाजिलपुर का मंजीत भी थे। विरोध करने पर अमित व उसके साथी उनके साथ झगड़ा करने लगे थे। इसी बीच अमित के भाई अनित, मिंटू उर्फ देवा व परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गए थे। उसकी पत्नी निरमेश के गले में दो युवतियों ने चुनरी डालकर उसे खींच लिया था और अन्य आरोपियों ने रॉड व अन्य हथियारों से उस पर हमला कर दिया था। साथ ही उसे, उसके भाई कर्मबीर व कर्मबीर की पत्नी सुमन पर भी हमला कर घायल कर दिया था। हमले में घायल निरमेश को सामान्य अस्पताल ले गए तो उसे मृत घोषित कर दिया गया था। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में कोर्ट के इस्तगासा पर दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था।
मामले में सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने निरमेश की गैर इरादतन हत्या में अमित व उसके भाई अनित को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों दोषियों को 10-10 साल कैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई है। वहीं मामले में मिंटू उर्फ देवा को भादंसं की धारा 325 में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने तथा 323 में एक साल कैद की सजा सुनाई है।