सोनीपत। बिजली के बिलाें में बढ़ोतरी व राशन डिपो पर मिलने वाले सरसों के तेल के दाम बढ़ाने के विरोध में वीरवार को महलाना रोड पर लोगों ने दिन में मोमबत्ती जलाकर प्रदर्शन किया। जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में लोगाें ने रोष जताकर सरकार से बढ़ाए गए दामों को वापस लेने की मांग की। मोमबत्ती जलाकर सरकार व प्रशासन को जगाने का प्रयास किया गया।
महलाना रोड निवासी टिंकू, प्रदीप, सतीश, रणदीप, राजेश, कुलदीप, सरस्वती, कलावती ने कहा कि सरकार बिजली के बिलों में बढ़ोतरी करके, बीपीएल परिवारों को मिलने वाले सरसों के तेल में 60 रुपये की वृद्धि करके आमजन को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली का बिल दो महीने के बजाय हर माह दिया जाए। दो माह का इकट्ठा बिजली बिल आने से उपभोक्ता पर बोझ पड़ता है। जब हर कार्य हर माह किए जाते हैं तो बिजली बिल भी हर माह भेजे जाएं।
जिला पार्षद संजय बड़वासनी, पूनम, बबीता, कविता, योगेश, संदीप, जगविंद्र, जसवीर, रोहताश ने कहा कि पहले ही बिजली के बिल ज्यादा आ रहे थे। अब बिजली के बिलों में बढ़ोतरी करके सरकार ने लोगाें पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। जरूरतमंद परिवारों की ज्यादा आय बिजली बिल में खर्च हो रही है। मीटर ज्यादा तेज चलते हैं। लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली बिल में बढ़ोतरी करके उन पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
जिला पार्षद ने कहा कि सरकार ने पहले बीपीएल कार्ड काटकर लोगों को तंग किया, अब इन परिवारों को मिलने वाले सरसों के तेल में 60 रुपये बढ़ाकर उनके साथ अन्याय किया है। चुनाव से पहले भाजपा ने लोगों से जनहित के बड़े-बड़े वादे किए गए थे। सत्ता में आने के बाद सरकार घमंड में चूर है। आए दिन गलत फैसले लिए जा रहे हैं। सरकार से मांग है कि बढ़ाए गए बिजली बिलों के निर्णयों को वापस लिया जाए। अन्यथा लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के प्रति रोष जताएंगे।