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स्कूल खोलने के लिए बाजिदपुर सबौली में सफल रहा ट्रायल

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बाजिदपुर सबौली के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों से बातचीत करते डीसी श्यामलाल पूनिया। - फोटो : Sonipat
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कोरोना महामारी के बीच सरकारी स्कूल खोलने के लिए गांव बाजिदपुर सबौली में ट्रायल सफल रहा। इसको लेकर डीसी श्यामलाल पूनिया ने मंगलवार को सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया। डीसी श्यामलाल पूनिया ने कक्षाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों संग बातचीत भी की। अभिभावकों की सहमति के बाद कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों का स्कूल में ट्रायल कराया गया। 20-20 बच्चों को दो कक्षाओं में बैठाया गया। डीसी श्यामलाल पूनिया ने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा को कोरोना के दौर में सामान्य करने को बाजिदपुर सबौली के राजकीय उच्च विद्यालय को प्रदेश में पहले नंबर पर चुना गया।
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डीसी श्यामलाल पूनिया ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए विद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए किए गए सभी इंतजामों का जायजा लिया। सबसे पहले स्कूल के प्रवेश द्वार पर बच्चों के जूतों को कोरोना वायरस से मुक्त करने के लिए ट्रै में पैड लगाकर सोडियम हाईपोक्लोराइड से जूतों की सफाई करवाई जाएगी। इसके उपरांत विद्यार्थियों के बैग, किताबों व अन्य पाठ्य सामग्री को जीवाणु रहित करने के लिए यूवी स्टेरीलाइज बॉक्स के अंदर से गुजारा जाएगा। उसके बाद थर्मल स्कैनर से विद्यार्थियों का तापमान जांचा जाएगा। विद्यार्थी अपना बैग रखकर अपने हाथों को पानी व साबुन से समझाई गई विधि अनुसार साफ करेंगे।
उन्होंने कहा कि बच्चे अपने चेहरे पर अच्छी तरह मास्क लगाने का अभ्यास करके सही ढंग से मास्क को लगाकर अलग-अलग बैंच पर बैठेंगे। ये सभी बैंच स्कूल के बरामदों में लगवाए गए हैं ताकि हवा का प्रवाह लगातार बना रहे और जीवनदायी हवा एक दूसरे बच्चे को संक्रमित नहीं कर सके। डीसी श्यामलाल पूनिया ने स्वयं बीच्चों के बीच कक्षा में जाकर उनके साथ बाचतीत की और उनके सामान्य ज्ञान को परखा। डीसी ने राजकीय स्कूल वाजिदपुर-सबौली, अकबरपुर बारोटा एवं कुंडली का दौरा करते हुए सफाई और स्वच्छता, शौलालय, लाईब्रेरी, साइंस लैब, कमरें एवं कार्यालय का भी निरीक्षण किया और पौधरोपण किया। जिला शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र सिंह हुड्डा को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की शिक्षा में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
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