फोटो :: सोनीपत के मुरथल क्षेत्र में सूखे पेड़। स्रोत पाठक
-एनएच-44 किनारे केमिकलयुक्त पानी छोड़ने से उजड़ी हरियाली
-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बियर फैक्टरी पर 39 लाख जुर्माना ठोका
-ग्रामीणों ने जताई भयावह बीमारी होने की आशंका
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। नेशनल हाईवे-44 के किनारे गांव नांगल खुर्द के सामने वन विभाग की जमीन पर कई पेड़ों के सूखने का मामला सामने आया है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
आरोप है कि मुरथल क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों जिसमें बियर फैक्टरी से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी लंबे समय से वन विभाग की भूमि की ओर छोड़ा जा रहा था। इससे धीरे-धीरे पूरी हरियाली खत्म हो गई। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से प्रदूषित पानी सरकारी जमीन में छोड़ा जा रहा था। अब हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जहां-जहां यह केमिकल युक्त पानी पहुंचा, वहां पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं। जिन हिस्सों तक यह पानी नहीं पहुंचा, वहां पेड़ हरे-भरे खड़े हैं।
क्षेत्रवासी लक्ष्मी व विक्की का कहना है कि फैक्टरियों से निकलने वाला दूषित पानी जमीन और भूजल दोनों को प्रभावित कर रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो क्षेत्र में कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी अजय मलिक ने बियर फैक्टरी की दीवार के नीचे से केमिकल युक्त पानी जमीन पर छोड़ा जा रहा था। विभाग ने संबंधित फैक्टरी पर 39 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।