संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। लिपिक का राई तहसील में ट्रांसफर कराने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये की रिश्वत वसूलने के आरोप में गिरफ्तार डीसी से निजी सहायक शशांक शर्मा के कारनामों की फेहरिस्त काफी लंबी निकली है। प्रभावशाली पटल शशांक शर्मा पांच साल से अधिक समय से तैनात था। इस दौरान उसके बैंक खाते से 76 लाख रुपये का लेनदेन हुआ, जबकि वेतन 25 लाख होता है।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने उपायुक्त के निजी सहायक शशांक शर्मा को साढ़े तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। दो दिन की रिमांड के दौरान एसीबी ने उसके मोबाइल के सीडीआर, बैंक खातों के विवरण की जांच की। इसके बाद हैरान करने वाली डिटेल सामने आयी है। शशांक शर्मा ने उपायुक्त कार्यालय के अन्य कर्मचारियों, डीआईटीएस ऑपरेटरों और एक चालक के जरिए रिश्वत की रकम का लेनदेन किया है।
शशांक शर्मा के बैंक खाते की डिटेल
18 जून को सहायक हरीश कुमार से 20 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए हैं। डीआईटीएस ऑपरेटर अनूप सिंह से 2,19,330 रुपये, चालक प्रवीन कुमार से छह जून को 10 हजार रुपये, डीआईटीएस ऑपरेटर अखिल से 1.30 लाख रुपये यूपीआई के जरिए ट्रांसफर करवाए गए। डीआईटीएस ऑपरेटर दीपांशु से 2.75 लाख रुपये फोन पे करवाए गए। इनमें से अनूप सिंह और दीपांशु के ट्रांजेक्शन लगातार कई महीने तक चलते रहे और एक-एक बार में 50 हजार और 1 लाख तक की रकम ट्रांसफर की गई।
जांच में पता चला है कि आरोपी शशांक ने अपने निजी संपर्कों से भी कई बार मोटी रकम प्राप्त की। आशीष धीमान से 4.30 लाख रुपये, आशीष के छोटे भाई मोहित धीमान से 50 हजार रुपये, विनय से 26 अक्टूबर, 2024 को 55 हजार रुपये ट्रांसफर करवाएं गए हैं।
उपायुक्त के निजी सहायक शशांक शर्मा की दो दिन की रिमांड में टेक्निकल साक्ष्य मिले हैं। रिश्वत की रकम के लेनदेन जिन कर्मचारियों का डिटेल मिला है उनको भी जांच के दायरे में लिया गया है। लंबे समय से शशांक शर्मा एक ही पटल पर तैनात था। उसकी आय से कहीं अधिक रुपये खाते में मिली है। -सोमबीर, उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो।