सोनीपत। रोडवेज डिपो की वर्कशाॅप में 50 प्रशिक्षुओं ने पांच महीनों से मानदेय (स्टाइपेंड) नहीं मिलने पर सोमवार को रोडवेज और उच्च अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि वे डिपो में कर्मचारियों की कमी के बावजूद नियमित काम कर रहे हैं लेकिन विभाग उनकी आर्थिक जरूरतों को नजरअंदाज कर रहा है।
प्रशिक्षुओं ने बताया कि हर बार अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर मानदेय जारी करने का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारी बजट जारी नहीं होने का बहाना बनाकर वापस भेज देते हैं। बस अड्डा के वर्कशॉप में 50 प्रशिक्षु कार्यरत हैं। उन्हें प्रतिमाह 10,560 रुपये मानदेय दिया जाना तय है।
वर्जन
अप्रैल में बजट जारी होने में समय लगता है इसलिए उन्हें इस माह का मानदेय नहीं मिल पाया है। यदि पिछले महीने का मानदेय जारी नहीं हुआ है तो जांच कराई जाएगी। -सुरेंद्र दुग्गल, स्टैंड सुपरवाजर, सोनीपत डिपो।