रुपये नहीं मिलने के आरोप के चलते निगमकर्मियों द्वारा निर्माण ढहाने के मामले में विवाद बढ़ गया है। जहां व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कमिश्नर व ज्चाइंट कमिश्नर से मिलकर रुपये मांगने के साथ ही निर्माण ढहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस मामले में शनिवार को एसपी से मिलकर निगम अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए शिकायत दी जाएगी। वहीं मंत्री अनिल विज ने फोन पर बातचीत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता को बुलाया है और उसको आश्वासन दिया गया है कि उसकी शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए जाएंगे।
जिला व्यापार मंडल के सदस्य प्रदीप का मुरथल रोड स्थित एक निजी गार्डन के सामने लगभग 150 गज का प्लॉट है, जिस पर कब्जा लेने के लिए चहारदीवारी कर रहे थे। निगम के अधिकारी व कर्मचारी वहां 28 मई को पहुंचे थे और निर्माण को अवैध बताकर ढहाने की चेतावनी देकर लौट गए थे। प्लॉट मालिक का आरोप है कि उसके बाद निगम के एक अधिकारी ने उनसे रुपये की मांग कर दी। जिसके बाद एक बिचौलिये के सहारे उन पर लगातार रुपये देने का दबाव बनाया गया। उस पर पहले डेढ़ लाख तो बाद में 1 लाख 30 हजार रुपये की मांग की गई। उनकी फोन पर हुई बातचीत की कई ऑडियो क्लिप उनके पास है तो निगम के अधिकारी उनकी दुकान में आकर दबाव बनाते हुए सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गए थे। आरोप है कि जब व्यापारी ने रुपये देने से साफ मना कर दिया तो उसके निर्माण को ढहा दिया गया और वहां अन्य अवैध निर्माण को छोड़ दिया गया। इस मामले में शुक्रवार को जिला व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय सिंगला, प्रदीप समेत अन्य कमिश्नर जगदीश शर्मा व ज्वाइंट कमिश्नर सुभाष चंद्र से मिले और इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई। निगम अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इसमें कमिश्नर जगदीश शर्मा ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं इस मामले में ऑडियो व सीसीटीवी फुटेज को मंत्री अनिल विज के पास भी भेजा गया था। जिसके बाद मंत्री से बात की गई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता को बुलाया है और उनको मामले में रुपये मांगने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन दिया है।