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Sonipat News: खतरा बनकर हाईवे पर दौड़ रहीं बिना रिफ्लेक्टर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां

Fri, 05 Dec 2025 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे इन दिनों दुर्घटनाओं के खतरे में बदलते जा रहे हैं। देर रात हाईवे किनारे खड़े कर दिए जाने वाले भारी वाहन और बिना रिफ्लेक्टर तेज रफ्तार से दौड़ती पराली से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां व अन्य वाहन सड़क सुरक्षा के लिए संकट बन सकते हैं। कई बार अचानक सामने आया ऐसा वाहन पल भर में मौत का कारण बन जाता है।
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रात के समय कई ट्रक और भारी वाहन हाईवे के किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। यह वाहन दूर से दिखाई नहीं देते और तेज रफ्तार वाहनों के लिए खतरनाक ब्लाइंड स्पॉट बना देते हैं। कई स्थानों पर चालक अचानक खड़े हुए ट्रकों से टकराने से बाल-बाल बचते हैं।
बुधवार रात को बहालगढ़ चौक और राई गांव के पास ऐसी कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हाईवे से गुजरती हुई देखी गईं जिन पर सुरक्षा के लिए जरूरी रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाए गए थे। सोनीपत-बहालगढ़ रोड पर भी बिना रिफ्लेक्टर वाली ट्रॉली तेज रफ्तार में आगे बढ़ती दिखाई दी। वहीं, बहालगढ़ के पास हाईवे के किनारे कई भारी वाहन और ट्रक खड़े मिले।
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हाईवे से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि कुछ चालक बिना किसी सुरक्षा उपाय के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को देर रात सड़क पर उतार देते हैं। ऐसे में कम रोशनी और तेज रफ्तार के बीच ये वाहन अचानक सामने आकर किसी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और रिफ्लेक्टर अनिवार्य करने की मांग उठाई है।


बिना रिफ्लेक्टर दौड़ती पराली से भरी ट्रॉलियां बन रहीं जानलेवा

धान की कटाई के मौसम में पराली ढोने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही बढ़ गई है लेकिन अधिकांश ट्रॉलियों के पीछे रिफ्लेक्टर नहीं लगे होते। बिना किसी लाइट के दौड़ती ये ट्रॉलियां रात में बिल्कुल दिखाई नहीं देतीं जिससे दुर्घटना होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि हाईवे पर ऐसे वाहन किसी भी पल बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। 3 नवंबर को गांव खेड़ी दमकन के पास पराली से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ंत में इको सवार दंपती व बेटी की मौत हो गई थी।तीन घायल हुए थे। गांव बिधल निवासी अशोक (24), अपनी पत्नी आशु (22) व मासूम बेटी चेष्टा (2) की मौत हो गई थी।

नियमों की अनदेखी, चालकों की लापरवाही से बढ़ा खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि चालक न तो सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं और न ही हिदायतों की परवाह करते हैं। बिना रिफ्लेक्टर और बिना इंडिकेटर के भारी वाहन चलाना हाईवे सुरक्षा के नियमों का खुला उल्लंघन है लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई बेहद कम होती है।

यातायात व्यवस्था चरमराई, रात में बढ़ रहा जोखिम

हाईवे पर खड़े वाहन आने-जाने वालों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। तेज रफ्तार में चलते वाहनों को अचानक ब्रेक लगानी पड़ती है जिससे पीछे से टक्कर की संभावना बढ़ जाती है। कई छोटे वाहन चालकों ने बताया कि अंधेरे में खड़ा ट्रक या ट्रॉली कुछ दूरी तक बिल्कुल दिखाई नहीं देती।

लोगों ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन, एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण रोशन, प्रदीप, नरेंद्र का कहना है कि बिना रिफ्लेक्टर चलने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई हो। हाईवे किनारे पार्किंग पर पूर्ण रोक लगे। रात के समय पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए। ट्रॉलियों व ट्रकों पर रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य किया जाए।
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