गन्नौर। जीटी रोड स्थित पेट्रोल पंप पर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों ने रिमांड के दौरान कई खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि नशे की लत को पूरा करने के लिए कर्ज लिया। बाद में कर्ज उतारने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों से 4500 रुपये की नकदी बरामद की है। जबकि वारदात में प्रयुक्त गाड़ी व हथियार दिल्ली पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया।
एसीपी गोरखपाल राणा ने बताया कि 26 फरवरी को जीटी रोड स्थित डिवाइन सिटी के पास पेट्रोल पंप पर बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी सौरव, निशांत व हरदीप तीनों दोस्त हैं और नशे के आदी हैं। एसीपी ने बताया कि नशे की लत को पूरा करने के लिए तीनों पर कर्ज हो गया था। जिसे उतारने के लिए तीनों ने मिलकर एक के बाद एक लूट की कई वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने लूट के लिए गाड़ी किराये पर ली थी। लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने गाड़ी लौटा दी और दूसरी गाड़ी लेकर फिर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने गाड़ी को प्रतिदिन के हिसाब से दो हजार रुपये किराये पर लिया था। पूछताछ में आरोपी निशांत ने बताया कि उनके पिता शटरिंग का काम करते हैं। उसने 12वीं कक्षा के बाद कोचिंग शुरु कर दी थी, ताकि पढ़ लिखकर कामयाब हो सके। वहीं हरदीप के पिता का आटा चक्की का काम है। उसने 12वीं तक की पढ़ाई की है। हरदीप पर पहले ही हत्या प्रयास के दो मुकदमे दर्ज हैं। जबकि सौरव अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। उसने एमटेक की पढ़ाई की और वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। उसने नौकरी के लिए कई पेपर भी दिए हुए हैं।