साेनीपत/गन्नौर। जिले की मंडियों में शुक्रवार को सरसों की सरकारी खरीद जारी रही। लेकिन शुक्रवार देर शाम हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। साेनीपत अनाज मंडी में खुले में रखी सरसों के 80 कट्टों पर हैफेड कर्मियों को तिरपाल रखकर बचाव करना पड़ा। सोनीपत व गन्नौर मंडियों में एकत्रित किसानों ने 25 क्विंटल से ज्यादा सरसाें की खरीद न किए जाने पर रोष जताया है। हैफेड की ओर से सोनीपत अनाज मंडी में 583 क्विंटल, गोहाना मंडी में 400 क्विंटल, खरखौदा में 266 क्विंटल व और गन्नौर मंडी में 1273 क्विंटल सरसों की खरीद की गई है।
शुक्रवार को सोनीपत अनाज मंडी में पहुंचे किसानों ने राेष जताकर पूरी सरसों खरीदने की मांग की। किसान इंद्रजीत, सुखबीर, रमेश व जितेंद्र ने बताया कि एक तरफ सरकार स्वयं को किसान हितैषी बताती है, लेकिन मंडियों में किसानों की सरसों की पूरी खरीद तक की जाती। सरकार की अनदेखी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। हैफेड ने प्रत्येक किसान से एक दिन में 25 क्विंटल सरसों की खरीद करने की शर्त रखी है। जबकि किसानों के पास इससे ज्यादा सरसों है। ऐसे में किसानों को रोजाना मंडी से चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उनकी मांग है कि सरकार उनकी सरसों की पूरी फसल की खरीद करें।
सरसों की खरीद कम होने पर किसान नाराज
गन्नौर मंडी में सरसों की खरीद कम होने पर किसानों ने नाराजगी जताई। किसान राव विरेंद्र, राजबीर व बलवान ने बताया कि हैफेड की ओर से प्रत्येक किसान से एक एकड के हिसाब से 8 क्विंटल सरसों की खरीद की जा रही है। जबकि एक एकड़ में करीब 12 से 13 क्विंटल सरसों की पैदावार होती है। कर्मचारी 8 क्विंटल सरसों खरीदने के बाद बाकी सरसों का वापस भेज देते हैं। बुआई के समय कृषि विभाग की तरफ से उन्हें यह कहकर बीज दिया जाता है कि खेत में करीब 12 क्विंटल सरसों की पैदावार होगी और जब वह सरसों बेचने जाते हैं तो उनकी सिर्फ 8 क्विंटल सरसों की ही खरीद की जाती है।
हैफेड के जिला प्रबंधक ने लिया फसल खरीद का जायजा
गन्नौर अनाज मंडी में शुक्रवार को 1467 क्विंटल सरसों पहुंची। हैफेड ने करीब 1273 क्विंटल सरसों की खरीद की, बाकी सरसों में नमी बताई गई और उसको सुखाने के लिए कहा गया। वीरवार को 942 क्विंटल सरसों मंडी में पहुंची थी और 872 क्विंटल सरसों की खरीद हुई थी। हैफेड के जिला प्रबंधक उमाकांत शर्मा ने भी अनाज मंडी में सरसों की खरीद का जायजा लिया।
छह एकड़ की 50 क्विंटल सरसों लेकर अनाज मंडी में पहुंचे तो हैफेड ने 25 क्विंटल सरसों की खरीद की। बाकी सरसों की खरीद अगले दिन करने की बात की। मैं किराये के ट्रैक्टर में फसल लेकर आया था। पूरी फसल की खरीद न होने के कारण परेशानी हो रही है।
रमेश निवासी गांव नई बसौदी
नई शर्तों की वजह से किसान परेशान है। इससे किसानों को दोगुना खर्च उठाना पड़ रहा है। मैं 70 क्विंटल सरसों की फसल लेकर पहुंचा तो हैफेड कर्मियों ने 25 क्विंटल की खरीद की है। सरकार से मांग है कि किसानों को परेशान करने के बाद उनकी पूरी फसल खरीदी जाए।
अशोक निवासी गांव भठगांव
एक दिन में 25 क्विंटल की खरीद होने से उन पर अतिरिक्त खर्च व काम का बोझ बढ़ रहा है। अपनी फसल को दो बार लेकर आने में ज्यादा लेबर व किराया देना पड़ रहा है। जिस वजह से ज्यादा नुकसान हो रहा है।
राव विरेंद्र, किसान
सरकार की गाइडलाइन है कि एक एकड़ के हिसाब से 8 क्विंटल व एक किसान की तीन एकड़ की 25 क्विंटल सरसों की खरीद की जाए। गाइडलाइन के हिसाब से सरसों की खरीद की जा रही है।
उमाकांत शर्मा, जिला प्रबंधक हैफेड