किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर बुधवार को काला दिवस मनाएंगे। जहां सभी किसानों से अपने घरों व वाहनों पर काला झंडा लगाने का आह्वान किया गया है, वहीं देशभर के सभी धरनास्थलों पर काली पगड़ी व चुनरी पहनी जाएगी और धरना स्थलों के अलावा गांवों में पीएम का पुतला फूंका जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं का कहना है कि किसानों की मांग मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाना जरूरी है। वहीं काला दिवस मनाने के लिए काफी किसान बॉर्डर पर भी पहुंच रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, जगजीत सिंह दल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि दिल्ली के सभी मोर्चों के साथ देश के सभी धरनों पर बुधवार सुबह पहले बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी, जिसमें भगवान बुद्ध की मूर्ति पर माल्यार्पण किया जाएगा और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का आह्वान किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि 26 मई को केंद्र सरकार के सात साल पूरे होंगे तो किसान आंदोलन के छह महीने पूरे हो जाएंगे। सरकार इन सात साल में हर वर्ग के खिलाफ फैसले लेती रही है, इसलिए ही बुधवार को काला दिवस मनाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत सभी को अपने घरों, वाहनों व अन्य जगहों पर काला झंडा लगाकर सरकार का विरोध करने का आह्वान किया गया है तो पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि इस काला दिवस में देश की 12 से अधिक पार्टियों व दलों ने समर्थन दिया है तो अन्य वर्गों से समर्थन मांगा गया है। किसान नेताओं ने कहा कि भारतीय किसान संघ ने संयुक्त किसान मोर्चा के विरोध दिवस पर आपत्ति जताई थी, जो उसकी अपनी जमीन खिसकने के कारण ऐसा किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ अब आंदोलन को बदनाम करने के लिए तरह-तरह के आरोप लगा रहा है, जो सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।