सोनीपत। सड़क सुरक्षा के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मद्देनजर नेशनल हाईवे-44 पर धूमिल हो चुकी सफेद पट्टी को दोबारा से बनाने शुरू कर दिया है। हाईवे के चौड़ीकरण के बाद सड़कों पर लगाई गई सफेद पट्टी धूमिल हो गई थी। इससे रात के समय विजिबिलिटी में दिक्कत आने लगी थीं।
एनएचएआई सोनीपत के परियोजना निदेशक जगभूषण शर्मा के अनुसार यह कदम सड़क हादसा रोकने की दिशा में अहम साबित होगा। हाईवे पर सफेद पट्टी लगाने का उद्देश्य वाहन चालकों को लेन की स्पष्ट पहचान कराना और रात के समय सड़क की सीमाएं साफ दिखाना है।
इसके साथ ही जगह-जगह चमकीले रिफ्लेक्टर स्टड्स भी लगाए जा रहे हैं जो वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही दूर से नजर आएंगे। सफेद पट्टियों की नई कोटिंग में उच्च गुणवत्ता वाला थर्मोप्लास्टिक पेंट का इस्तेमाल किया गया है जो अधिक टिकाऊ और दृश्यता के लिए उपयुक्त है। पहले चरण में यह कार्य राई क्षेत्र में किया जा रहा है। इसके बाद अगले चरण में हाईवे के अन्य हिस्सों पर पट्टी लगाने का काम किया जाएगा।
हादसा रोकने में मिलेगी मदद
सड़क सुरक्षा संगठन के सदस्य संदीप बत्रा ने कहा कि रात के समय धुंध या कम रोशनी में सड़क की सीमाएं स्पष्ट नहीं दिखाई देती हैं। इससे वाहन चालक भटक जाते हैं। सफेद पट्टियों और रिफ्लेक्टरों के लगाने से न केवल विजिबिलिटी सुधरेगी बल्कि ओवर स्पीडिंग और ओवर टेकिंग से होने वाले हादसों पर भी अंकुश लगेगा।
सुरक्षित और व्यवस्थित हाईवे
एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। सफेद पट्टी और रिफ्लेक्टर लगाने की कवायद के साथ हाईवे के किनारे पर संकेतक बोर्ड, स्पीड वार्निंग बोर्ड और कैट्स आई भी लगाए जा रहे हैं ताकि ड्राइवरों को हर स्थिति में सही दिशा और गति की जानकारी मिलती रहे।
सड़क सुरक्षा को लेकर हरसंभव पहल की जाती है। सफेद पट्टी लगाने का उद्देश्य चालक हर परिस्थिति में लेन स्पष्ट रूप से देख सकें और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। -जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, सोनीपत।