सोनीपत। पंचायती चुनाव को लेकर तारीखों की घोषणा होते ही गांवों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। जिले की 318 ग्राम पंचायतों में से तीन नई पंचायत अस्तित्व में आई हैं। इन तीन गांवों के ग्रामीण पहली बार अपनी सरकार चुनेंगे। इनमें दो ग्राम पंचायतें खरखौदा ब्लॉक की हैं, जबकि एक ग्राम पंचायत मुरथल ब्लॉक की है। अब तक इन गांवों को दूसरे गांवों से जोड़कर पंचायतें चुनी जाती थीं। अब पहली बार अपनी अलग सरकार चुनने को लेकर ग्रामीण उत्साहित हैं।
जिले में पहले 315 ग्राम पंचायतें थी। इस बार इनकी संख्या में इजाफा करते हुए तीन ग्राम पंचायतें नई बनाई गई हैं। इनमें खरखौदा ब्लॉक के गांव फरमाणा को दो पंचायतों में बांट दिया गया है। फरमाण से महलाण को अलग कर नई ग्राम पंचायत बनाई गई है। वहीं खरखौदा ब्लॉक के ही गांव खांडा को विभाजित कर खांडा अल्माण की नई पंचायत बनाई गई है। इसके अलावा मुरथल ब्लॉक के गांव पबनेरा को दो ग्राम पंचायतों में बांटते हुए पबनेरा व ग्यासपुर ग्राम पंचायतें बनाई गई हैं। इन तीन नई ग्राम पंचायतों में पहली बार होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीणों में उत्साह बना हुआ है। वहीं पंचायती चुनावों का बिगुल बजते ही पहली बार बनी तीन नई ग्राम पंचायतों में भी चुनावों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दावेदारों ने चुनाव की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को चुनावों की तारीखों की घोषणा होने के साथ ही कुछ दावेदार तो मतदाताओं को रिझाने के लिए घरों से निकल पड़े हैं। शनिवार को भी दावेदारों ने दिन भर लोगों से संपर्क साधा।
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हो सकेंगे विकास कार्य
पंचायत चुनाव का डेढ़ साल से इंतजार कर रहे थे, ताकि गांव में अटके पड़े विकास कार्य शुरू हो सकें। अब तारीखों का एलान होने पर पहली बार गांव की नई सरकार चुनने का अवसर मिला है। गांव की अपनी अलग सरकार होने से विकास कार्य आसानी से हो सकेंगे।- फतेह सिंह, खांडा
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दे सकूंगा योगदान
अब तक हम गांव खांडा में ही पंचायतें चुनते रहे हैं। खांडा अल्माण की नई पंचायत अस्तित्व में आने के बाद पहली बार नई पंचायत बनाने में अपना योगदान दे सकूंगा। गांव की अलग पंचायत बनने से गांव में बेहतर तरीके से विकास हो सकेंगे।-ओम, खांडा
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मतदान को लेकर उत्साहित
गांव खांडा से अलग होकर खांडा अल्माण की नई पंचायत अस्तित्व में आई है। नई पंचायत के पहले मतदान को लेकर काफी उत्साहित हूं। गांव की अपनी नई पंचायत होने से अब तक अटके कार्यों के बेहतर तरीके होने की उम्मीद जगी है।-अतर सिंह, खांडा
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लंबे समय से था इंतजार
काफी समय से चुनावों की तारीखों के एलान होने का इंतजार था, जो डेढ़ साल बाद जाकर पूरा हुआ है। इसके साथ ही पहली बार नई पंचायत चुनने का भी मौका मिला है। गांव में अटके विकास कार्य पूरे होने की उम्मीद जगी है।-विरेंद्र, खांडा