सोनीपत। बॉयलर हादसे में केवल दो श्रमिकों की मौत नहीं हुई है, बल्कि उनके बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। इस हादसे में तीन श्रमिकों ने अपना पिता खोया है और तीन बच्चे अनाथ हो चुके हैं।
बुधवार रात को फैक्टरी में हुए बॉयलर धमाके में बिहार के जिला पश्चिमी चंपारण के बेतिया के गांव भीकमपुर निवासी ब्रजेश की जान चली गई। ब्रजेश की शादी वर्ष 2018 में सीमा के साथ हुई थी। वह परिवार सहित कुंडली क्षेत्र में रहता था। उसके दिव्यांशु (6), आर्यन (3) आशु (डेढ़ साल) के तीन बेटे हैं। हादसे के बाद से परिवार का रोकर बुरा हाल है।
वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले जिला पश्चिमी चंपारण के बेतिया के गांव अहीरोलिया निवासी दूसरे श्रमिक गुलाबी कुर्मी के बच्चे अब अनाथ हो गए हैं। गुलाबी कुर्मी की पत्नी ज्ञांती देवी चार साल पहले बीमारी से दुनिया छोड़ गई थी। इस हादसे ने गुलाबी कर्मी को भी बच्चों से छीन लिया। गुलाबी के तीनों बच्चे अपने ननिहाल में मामा राजू के पास रह रहे हैं। पिता की मौत से गुड़िया (12), गोलू (10) व राजा (8) साल अनाथ हो गए हैं।
सोनीपत में इस माह में दूसरा ब्लास्ट
सोनीपत में मई माह के अंतराल में यह दूसरा ब्लास्ट हुआ है। इससे पहले 7 मई को जाहरी की शराब फैक्टरी में टैंक के अंदर ब्लास्ट हो गया था। इसमें एक कर्मी की मौत हो गई थी। अब कत्था फैक्टरी में बॉयलर फट गया है।
एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम तलाश में जुटी
हादसे के बाद पंजाब के बठिंडा की टीम रोहतक के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल से कुंडली पहुंची है। टीम के सहायक कमांडेंट देवेंद्र ने बताया कि उनकी टीम में 30 सदस्य शामिल हैं। टीम को रात के समय बिजली नहीं होने से परेशानी हो रही है। साथ ही बिल्डिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। पिलर से लेकर सभी बीम टूटे चुके हैं। ऐसे में सावधानी से राहत कार्य किया जा रहा है। प्रशासन से बिजली का उचित प्रबंध करने को कहा गया है।