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Sonipat News: बार प्रधान समेत तीन बोले- निगम में भ्रष्टाचार, मंत्री ने कहा- शिकायत दो

Wed, 24 May 2023 01:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :23: सोनीपत में जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत सुनते परिवहन व खनन मं
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सोनीपत। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान व पूर्व पार्षद समेत तीन लोगों ने नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) तक नहीं दिया जाता। बार-बार चक्कर कटवाए जाते हैं।
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पूर्व पार्षद ने प्रॉपर्टी आईडी में बनवाने में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। वहीं शहरवासी नीरज ने दीनदयाल योजना के तहत खरीदे गए प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए एनओसी न देने का आरोप लगाया। तीनों मामलों की सुनवाई करते हुए परिवहन व खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने शिकायत देने के लिए कहा है। वहीं निगम आयुक्त विश्राम मीणा ने भी उनके पास किसी तरह की शिकायत नहीं आने की बात कही है।

लघु सचिवालय परिसर में मंगलवार को हुई जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवहन एवं खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने 10 शिकायतों का निपटान किया। एक शिकायत को लंबित रखा। बैठक में जिला प्रधान अधिवक्ता राजीव दहिया ने कहा कि प्रॉपर्टी की एनओसी लेने के लिए कई बार निगम कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका आरोप था कि नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। वहीं पूर्व पार्षद रविंद्र दिलावर ने कहा कि गलत प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए लोगों को ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करानी पड़ रही है। उसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। शहरवासी नीरज ने बताया कि उन्होंने दीनदयाल योजना के तहत प्लॉट खरीदा है। उसकी रजिस्ट्री कराने के लिए एनओसी जरूरी है। नगर निगम ने उस क्षेत्र को अवैध कॉलोनी बताकर एनओसी देने से मना कर दिया है, जबकि उस कॉलोनी में काटे गए कई अन्य प्लॉटों की एनओसी जारी की जा चुकी है। शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं हो रही है।
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लाल दरवाजा निवासी अधिवक्ता नरेश शर्मा की शिकायत सुनवाई करते हुए मंत्री मूलचंद शर्मा ने गलत रिपोर्ट देने वाले निजी अस्पताल की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित पर लगाई धारा 307 को हटा दिया गया है। वहीं शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पिछली बैठक में दिए गए उन आदेशों का पालन पुलिस ने नहीं किया, जिनमें कहा गया था कि जब तक गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट नहीं आती, तब तक उनके पक्ष की लोगों की गिरफ्तारी नहीं होगी। उसके बावजूद उनके पक्ष के दो लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि एक निजी अस्पताल ने चोट लगने की गलत ढंग से रिपोर्ट तैयार की थी, जिसके आधार पर धारा 307 लगाई गई थी। मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर को निजी अस्पताल के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

सिटी थाना क्षेत्र की एक महिला ने आरोप लगाया था कि पति के कर्ज लेने के विवाद में उनकी बेटी को तंग किया जा रहा है। शहर के दो लोग जानबूझकर उनको परेशान कर रहे हैं। उनकी बेटी से दुर्व्यवहार किया गया था। इस पर मंत्री ने सुनवाई के बाद धर्मपाल व कुलविंदर के खिलाफ दी गई शिकायत को जांच रिपोर्ट के आधार पर रद्द करने के निर्देश दिए। जांच कमेटी को महिला के आरोपों को लेकर सुबूत नहीं मिले। इस दौरान परिवहन मंत्री ने महिला को भविष्य में इस तरह की झूठी शिकायत न देने की चेतावनी दी।
पंचायती जमीन पर हुए कब्जों की होगी जांच

शाहपुर तगा गांव के सुधीर कुमार ने पूर्व सरपंच पर पंचायती जमीन पर कब्जा करने की शिकायत दी। इस पर परिवहन मंत्री ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल को निर्देश दिए कि वह पूरे गांव में अवैध कब्जों की जांच करें कि कितने लोगों ने सरकारी जमीन कब्जाई हुई है। संबंधित आरोपी के मामले में विशेष रूप से जांच करें। सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्य सफाई निरीक्षक को निलंबन की चेतावनी

जीवन विहार के वेदप्रकाश ने पशु डेयरी को हटवाने की शिकायत दी। उनका कहना था कि वह पहले भी नगर निगम में शिकायत दे चुके हैं। जिस पर परिवहन मंत्री ने नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक को फटकार लगाई। सफाई निरीक्षक ने दो बार नोटिस देने की बात कही तो मंत्री ने कहा कि डेयरियों के मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए। पहले शिकायत आने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। अब पंद्रह दिन के भीतर डेयरी को शिफ्ट कराएं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो वह मुख्य सफाई निरीक्षक को निलंबित कर देंगे।

इन शिकायतों पर भी हुई सुनवाई

निगम पार्षद पुनीत त्यागी की राई में लाल डोरे के अंदर व बाहर की जायदाद की रजिस्ट्री न होने की शिकायत पर सुनवाई हुई। मंत्री ने मामले में 15 जून तक समाधान कराने का आश्वासन दिया।

रामनगर के रहने वाले अनिल कुमार ने वर्ष 1993 में नगर पालिका खरखौदा द्वारा कर्मचारियों को प्लॉट आवंटन न किये जाने की शिकायत रखी। जिसमें कहा गया कि पैसे जमा कराने के बावजूद कब्जा नहीं हो पाया है। इस पर मंत्री ने नगर पालिका सचिव को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

गांव मोहाना निवासी युद्धविंद्र ने फरमाणा बिजली घर से खेतों की लाइन को चालू करवाने की मांग की। मामले में मंत्री ने बिजली निगम को कहा कि इस समस्या का समाधान कराया जाए। जिससे किसानों को दिक्कत न हो।

यह रहे मौजूद

उपायुक्त ललित सिवाच, डीसीपी अंशुल सिंगला, अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुशील मलिक, एसडीएम आशीष कुमार, डॉ. अनुपमा मलिक, नगराधीश डॉ. अनमोल, निगम की संयुक्त आयुक्त अंकिता वर्मा, जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया, जजपा के जिलाध्यक्ष राज सिंह दहिया, राजेंद्र कौशिक, माईराम कौशिक आदि मौजूद रहे।
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